शिक्षा का अधिकार कानून में केंद्र के सहयोग की दरकार

भोपाल। स्कूल शिक्षा मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनीस ने कहा है कि मध्यप्रदेश की गिनती निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम के क्रियान्वयन में अग्रणी राज्य के रूप में की जा रही है। प्रदेश में इस अधिनियम के तहत राज्य सलाहकार परिषद का गठन भी किया गया है। अधिनियम के बेहतर क्रियान्वयन की केन्द्र सरकार ने मध्यप्रदेश की प्रशंसा भी की है। इन सबके बावजूद भी निःशुल्क और बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम के क्रियान्वयन में केन्द्र सरकार का सहयोग नहीं मिल पा रहा है। इस संबंध में वे केन्द्र सरकार को एक चिट्ठी लिखेंगी। श्रीमती चिटनीस आज मंत्रालय में राज्य सलाहकार परिषद की तीसरी बैठक को संबोधित कर रही थीं।

श्रीमती चिटनीस ने कहा कि अधिनियम के क्रियान्वयन में वांछित सहयोग न मिलने के कारण रूकावट आ रही है। परिषद के सदस्य डॉ. मनोहर भण्डारी ने कुपोषण को बच्चों के विकास में बाधक बताया। उन्होंने इसकी रोकथाम के संबंध में प्रेजेन्टेशन भी दिया। बैठक में विद्यार्थियों को किताबों के साथ निःशुल्क कॉपियों के वितरण और उनकी उपस्थिति के संबंध में विचार-विमर्श किया गया। आयुक्त राज्य शिक्षा केन्द्र श्रीमती रश्मि अरूण शमी ने शिक्षा का अधिकार कानून के संबंध में अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी दी।

बैठक में प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा संजय सिंह, आयुक्त लोक शिक्षण अरूण कोचर, राज्य शिक्षा केन्द्र के सलाहकार एल.एस. बघेल एवं सदस्य सर्वश्री मुलायम सिंह ठाकुर, राम भावसार,  हुकुमचंद भुवंता, सुश्री ज्योति विजय पटेल एवं श्रीमती वीणा तिवारी भी मौजूद थीं।

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