संभागीय मुख्यालयों पर बनेंगे तीर्थयात्रियों के सामुदायिक केंद्र

भोपाल, अप्रैल 2013/ मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा है कि मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना के तहत जाने वाले तीर्थ-यात्रियों के लिये संभागीय स्तर पर स्थायी सामुदायिक केन्द्र बनाये जायेंगे। तीर्थों और मेलों के व्यवस्थित आयोजन और इनमें आने वाले यात्रियों की सुविधाएँ विकसित करने के लिये मध्यप्रदेश तीर्थ-स्थान एवं मेला प्राधिकरण का गठन किया गया है। मुख्यमंत्री यहाँ मध्यप्रदेश तीर्थ स्थान एवं मेला प्राधिकरण कार्यालय के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में संस्कृति, जनसंपर्क एवं उच्च शिक्षा मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा भी उपस्थित थे।

श्री चौहान ने कहा कि तीर्थ और मेले हजारों वर्षों से हमारी संस्कृति के अभिन्न अंग रहे हैं। पवित्र नदियों के तट पर हर वर्ष कई मेलों के आयोजन किये जाते हैं। मेलों के आयोजन संस्कारों से जुड़े, इनमें आने वाले तीर्थ-यात्रियों को कोई असुविधा नहीं हो, इसका तंत्र विकसित किया जायेगा। प्रदेश के बाहर के तीर्थ-स्थानों पर भी प्रदेश के यात्रियों के लिये आवास की व्यवस्था करने के प्रयास किये जायेंगे।

संस्कृति मंत्री ने बताया कि तीर्थ एवं मेला प्राधिकरण द्वारा श्रवण योजना बनायी गयी है। इस योजना के तहत देश और प्रदेश के तीर्थ-स्थलों पर काल-सेंटर बनाये जायेंगे। इन काल सेंटरों पर संपर्क कर प्रदेश के तीर्थ-यात्री आवश्यक सूचनाएँ तथा सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2013-14 के कला पंचांग का विमोचन किया।

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