समृद्धि चाहिये, पर मानवीय चेहरे के साथ – शिवराज

इंदौर, अक्‍टूबर 2012/ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में उद्योगों से संबंधित सारे कामों को पूरा करने की निश्चित समय-सीमा तय की जायेगी। प्रदेश को समृद्धि के लिये निवेश चाहिये परंतु मानवीय चेहरे के साथ। श्री चौहान सोमवार को यहाँ ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दूसरे दिन के पहले सत्र को संबोधित कर रहे थे। इस सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्रीमती सुषमा स्वराज उपस्थित थीं।

मुख्यमंत्री  ने कहा कि विकास हमें चाहिये पर उसका प्रकाश आम आदमी तक पहुँचना चाहिये। प्रदेश में विश्व स्तरीय अधोसंरचना के निर्माण में निवेशक आगे आकर सहयोग करें। सुख-समृद्धि का रास्ता निवेश से होकर जाता है। निवेश के लिये प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाना होगा, ताकि उद्यमियों को दिक्कत नहीं हो। मध्यप्रदेश में आने वाले निवेशकों का विश्वास कभी टूटने नहीं दिया जायेगा। विकास की प्रक्रिया निरंतर जारी रहना चाहिये और इसमें सबका योगदान महत्वपूर्ण है।

वर्ष 2013 के अंत तक हर गाँव अच्छी सड़क से जुड़ेगा

श्री चौहान ने कहा कि वर्ष 2013 के अंत तक मध्यप्रदेश का हर गाँव अच्छी सड़क से जुड़ जायेगा तथा गाँव में 24 घंटे बिजली मिलेगी। उन्होंने कहा कि हम मध्यप्रदेश की अर्थ-व्यवस्था को वाइब्रेंट बनाना चाहते हैं, जिसमें हर युवा उद्यमी को उद्योग लगाने के अवसर मिले। मध्यप्रदेश में कृषि विकास में 18 प्रतिशत की विकास दर तथा गत वर्ष 12 प्रतिशत की विकास दर हासिल की है। देश में उद्योगों के लिये सबसे बेहतर नीतियाँ मध्यप्रदेश में बनायी गयी हैं। उद्योगों के माध्यम से हम लोगों को रोजगार उपलब्ध करवाना चाहते हैं। उन्होंने उद्यमियों से आव्हान किया कि खुद प्रगति करें तथा प्रदेश को भी आगे बढ़ायें।

प्रदेश में उद्योगों के लिये सिंगल टेबल कंसेप्ट

मुख्यमंत्री  ने कहा कि मध्यप्रदेश में उद्योगों के लिये बेहतर वातावरण बनाया गया है। मुरैना-ग्वालियर, इंदौर-भोपाल, जबलपुर-रीवा-सतना-सिंगरौली के बीच औद्योगिक कॉरीडोर बनाये जायेंगे। प्रदेश में उद्योगों को 24 घंटे सतत विद्युत आपूर्ति की जा रही है। श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेशकों को कोई दिक्कत नहीं होगी, क्योंकि यहाँ पर सिंगल टेबल कंसेप्ट है, जिसमें हर सोमवार को वे उद्यमियों से मिलकर उनकी समस्याएँ दूर करते हैं। उन्होंने कहा कि आज का युग ज्ञान का युग है।युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा स्वास्थ्य के क्षेत्र में निवेश के बेहतर अवसर हैं।

पूर्व प्रधानमंत्री श्री वाजपेयी के संकल्प को पूरा करेंगे

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में नर्मदा के उपलब्ध संपूर्ण जल का उपयोग किया जायेगा। मध्यप्रदेश ने संकल्प लिया है कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नदियों को जोड़ने के संकल्प को पूरा किया जाये। प्रदेश में नदियों को जोड़ने की 18 हजार करोड़ रूपये की परियोजना बनायी गयी है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पर्यटन के क्षेत्र में निवेश की अच्छी संभावनाएँ हैं। प्रदेश में समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिये योजनाएँ बनायी गयी हैं। लोक सेवा गारंटी अधिनियम बनाने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है।

मध्यप्रदेश निवेश के लिये आदर्श राज्य

कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष श्रीमती स्वराज ने कहा कि मध्यप्रदेश में औद्योगिक निवेश के लिये बेहतर वातावरण बना है। प्रदेश में हर वर्ष निवेश बढ़ रहा है। निवेश के लिये बेहतर वातावरण के निर्माण में शासन-प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका है। पूँजी निवेश करने वाले की अपेक्षा होती है कि पारदर्शी तथा त्वरित प्रक्रिया हो और अधोसंरचना बेहतर हो। मध्यप्रदेश इस दृष्टि से निवेश के लिये आदर्श राज्य बना है। प्रकृति ने प्रदेश को अपार खनिज भंडार दिया है। यहाँ विश्व विख्यात प्राकृतिक स्थल हैं। कानून व्यवस्था के क्षेत्र में प्रदेश देश के सबसे ज्यादा शांतिपूर्ण प्रदेशों में है। श्रीमती स्वराज ने कहा कि निवेश के लिये तीर्थाटन भी एक क्षेत्र हो सकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नया पूँजी निवेश आये, संभावनाओं के नये क्षेत्र तलाशे जाये और पुराने उद्योगों का विस्तार किया जाये।

उद्योग मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि राजनैतिक इच्छा शक्ति और विकास के लिये प्रतिबद्धता मिलकर नये कीर्तिमान स्थापित करेंगे। मध्यप्रदेश का उदय तेजी से शक्तिशाली राज्य के रूप में हो रहा है। आम नागरिकों और उद्योग समुदाय को पूरा आत्मविश्वास है कि भविष्य सुनहरा और उज्जवल है। उन्होंने कहा कि गाँवों को आधुनिक सुविधाओं से सम्पन्न बनाने के लिये सभी प्रयास किये गये हैं। प्रदेश का ग्रामीण परिदृ्श्य पूरी तरह बदल गया है। उन्होंने प्रदेश और प्रदेश के नागरिकों की समृद्धि के लिये उद्योग समुदाय से सहयोग का आग्रह किया।

ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा कि ग्रामीण अधोसंरचना मजबूत होने से ग्रामीण बाजार में औद्योगिक उत्पादों की पहुँच बढ़ी है। ग्रामीण परिवहन सेवा से बाजार तक पहुँच बढ़ी है। इस सेवा से बाजार तक पहुँच और आसान हो गई है। प्रदेश नया इतिहास गढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि गाँवों से पलायन थम गया है और अब वहाँ गाँवों में बिजली, सड़कें उपलब्ध है।

इंदौर महापौर कृष्ण मुरारी मोघे ने कहा कि नगर निगम उद्योगों को सभी प्रकार की नागरिक सुविधाएँ और अधोसंरचना उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार की नीतियों और इच्छा शक्ति से औद्योगिक विकास का वातावरण बना है।

सांसद श्रीमती सुमित्रा महाजन ने कहा कि विकास के लिये सरकार और उद्योग को मिलकर कार्य करना होगा। राज्य के विकास से ही देश का विकास होगा। विकास में राजनीति आड़े नहीं नहीं आती। मध्यप्रदेश संसाधनों से परिपूर्ण शांत प्रदेश है। उद्योग जगत को मध्यप्रदेश एक सशक्त और बेहतर मंच उपलब्ध करवा सकता है।

अपर मुख्य सचिव पी.के. दाश ने प्रदेश में व्यापार एवं उद्योग की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सर्वाधिक उपयुक्त निवेश परिदृश्य उपलब्ध है। प्रमुख सचिव नर्मदा घाटी विकास रजनीश वैश्य ने नर्मदा-क्षिप्रा जोड़ो परियोजना के भविष्य में होने वाले सकारात्मक परिवर्तन की चर्चा की। उन्होंने कहा कि नर्मदा-मालवा उद्वहन सिंचाई परियोजना मालवा के आर्थिक उत्थान के लिये मील का पत्थर साबित होगी।

कार्यक्रम में रियो टिंटो की बंदर परियोजना के तहत खनित हीरों से बना हार प्रदर्शित किया गया। कार्यक्रम में ”मध्यप्रदेश एडवांटेज” लघु फिल्म की स्क्रीनिंग की गयी। कार्यक्रम में सांसद एवं प्रदेश भाजपा अध्‍यक्ष प्रभात झा सहित जन-प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में निवेशक उपस्थित थे।

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