सहकारी संस्था के पूर्व अध्यक्ष घोटाले में दोषी

देवास, 01 जूनः वर्ष 2004 में स्टील ट्यूब कर्मचारी साख संस्था में अध्यक्ष श्री देवेन्द्र कुमार चौधरी संस्था में व्याप्त गबन घाटाले तथा अनियमितता हेतु दोषी पाये गये। संस्था के अध्यक्ष रहते हुए भगतसिंह राणा के नाम पर 25 हजार रूपये का आहरण कर लिया। चैक पर भगतसिंह राणा के हस्ताक्षर नहीं पाये गये। संस्था में 15 हजार रूपये के केलेण्डर छपवाना बताकर राशि की अफरा तफरी की। एचआर आपरेटिव प्रेस इन्दौर को नगद भुगतान करना बताया। केलेण्डर वितरण की कोई पावती सदस्यों से लेना नहीं बताई गई। केलेण्डर की फर्जी छपाई दर्शाकर 15 हजार रूपये का गबन किया है।

संस्था में समस्त सदस्यों की साधारण सभा वर्ष में एक बार बुलाना आवश्यक है। किन्तु बिना साधारण सभा बुलाये 25 हजार रूपये का खर्च डाला गया। खजूरी बाजार का स्टेशनरी का फर्जी बिल बनाया गया। बिल पर नम्बर अंकित होना नहीं पाया गया। 14 हजार 900 रूपये चाय पोहा खर्चा बताया गया है। जबकि एक ही सदस्य उपस्थित नहीं हुआ। आमसभा नहीं बुलाई, कोई एजेण्डा जारी नहीं किया गया। 25 हजार रूपये डाक टिकिट खर्चा बताया गया किन्तु कोई भी डाक टिकिट नहीं खरीदा गया।

श्री देवेन्द्र चौधरी से 42 हजार 500 तथा 4.7.2004 से 12 प्रतिशत ब्याज लेखापाल आर एस रघुवंशी से 12 हजार 500 तथा 4.7.2004 से 12 प्रतिशत ब्याज जमा करने के लिए निर्णय पारित किया गया है।

उप पंजीयक सहकारिता डा. केएन त्रिपाठी के न्यायालय द्वारा 31 मई को राशि जमा करने अथवा चल अचल सम्पत्ति से उक्त राशि वैधानिक वसूली निलाम द्वारा करने के लिए आदेश जारी किये गये हैं।

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