सीएम हेल्पलाइन का सफल एक साल

भोपाल, जुलाई 2015/ मध्यप्रदेश में सूचना प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल कर आम लोगों की दैनंदिन की समस्याओं के निराकरण के लिये शुरू की गई सीएम हेल्पलाइन-181 का सफल एक वर्ष 31 जुलाई को पूरा हो रहा है। इस दौरान टेलीफोन पर प्राप्त जन-शिकायतों में से लगभग 91 प्रतिशत का संतोषजनक समाधान हुआ है। एक साल के दौरान सीएम हेल्पलाइन में 58 लाख 51 हजार 800 से अधिक कॉल का उत्तर दिया गया। इनमें 10 लाख 44 हजार से अधिक शिकायत दर्ज हुई। इनमें से 9 लाख 53 हजार 600 से अधिक शिकायत का समाधान हुआ, जो लगभग 91 फीसदी है। निराकृत प्रकरणों में से 8 लाख 58 हजार 683 प्रकरण क्लोज कर दिये गये हैं, जो लगभग 83 फीसदी हैं। लगभग 10 हजार 900 अधिकारी-कर्मचारी इस व्‍यवस्‍था से जुड़े हैं और सदैव तत्‍पर रहते हैं। हेल्पलाइन की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस पर रोजाना लगभग 35 से 40 हजार फोन कॉल रिसीव होते हैं।

उल्लेखनीय है कि पिछली 31 जुलाई 2014 को मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने सीएम हेल्पलाइन ‘जन-हेतु जन-सेतु’ की शुरुआत की थी। इस व्यवस्था की समीक्षा लगातार विभिन्न स्तर पर की जाती है। मुख्यमंत्री श्री चौहान स्वयं समय-समय पर अचानक फोन लगाकर शिकायतकर्ताओं से शिकायतों के निराकरण की जानकारी लेते हैं। साथ ही विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह सहित राज्‍य मंत्रि-परिषद के अन्‍य सदस्‍य सहित मुख्य सचिव श्री अन्टोनी डिसा, सचिव मुख्‍यमंत्री एवं विज्ञान प्रौद्योगिकी श्री हरिरंजन राव हेल्‍पलाइन व्यवस्था की समय-समय पर समीक्षा करते हैं।

सीएम हेल्पलाइन व्यवस्था में नागरिकों को नई सहूलियतें मुहैया करवायी गई हैं। फोन लाइनों की संख्या 100 से बढ़ाकर 300 की गई हैं। इस हेल्पलाइन में लगभग 400 योजना की जानकारी अपलोड है। माँग और सुझाव के संबंध में अलग से व्यवस्था की गई है। मोबाइल एप की सुविधा भी दी गई है। एसएमएस के जरिये शिकायतों के निराकरण और उनकी स्थिति की जानकारी दी जाती है।

सीएम हेल्‍पलाइन के टोल-फ्री नम्बर 181 पर संबंधित शिकायतकर्ता को एक नम्बर दिया जाता है, जिस पर शिकायत/समस्या दर्ज की जाती है। संबंधित अधिकारियों के प्रथम-स्तर पर समस्या का निराकरण संभव नहीं हो तो समस्या के स्वरूप के आधार पर उच्च अधिकारी के स्तर पर संबंधित समस्या स्वत: ट्रान्सफर हो जाती है। संबंधित शिकायतकर्ता को क्लोजर कॉल द्वारा सूचित किया जाता है। समस्या/शिकायत निर्धारित फार्मेट पर हिन्दी में दर्ज की जाती है जो एक उल्‍लेखनीय तथ्‍य है।

हेल्पलाइन में समस्या/शिकायत निराकरण के 4 स्तर निर्धारित हैं, जो राज्य-स्तर से अनुभाग-स्तर के अधिकारी स्तर के हैं। इसके जरिये न केवल समस्या/शिकायत का निराकरण, बल्कि शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी प्राप्त की जा सकती है।आम नागरिकों द्वारा हेल्पलाइन नम्बर 181 पर कॉल किये जाने पर कॉल आपरेटर को आई.व्ही.आर. (इंटरेक्टिव वाइस रिस्पांस) के जरिये फारवर्ड किया जाता है। इसमें प्रथम बार शिकायत/समस्या दर्ज करवाने वाले का नाम, पता आदि की जानकारी ली जाती है। प्रत्येक शिकायत/समस्या दर्ज करने पर एक यूनिक नम्बर जनरेट होता है।

सीएम हेल्‍पलाइन की यह अभिनव व्‍यवस्‍था सुशासन की दिशा में सर्वथा अनूठी पहल है। साथ ही यह राज्‍य शासन के दृष्टि पत्र-2018 में सम्मिलित सुशासन को सर्वोच्‍च प्राथमिकता दिये जाने के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। एम.गवर्नेंस के माध्‍यम से क्रियान्वित की जा रही सीएम हेल्‍पलाइन आम नागरिकों से सीधे संवाद तथा उनकी समस्‍याओं/शिकायतों/मांगों के त्‍वरित निराकरण की दिशा में एक उत्‍कृष्‍ट उदाहरण है। साथ ही योजनाओं की जानकारी हासिल करने का एक उपयुक्‍त माध्‍यम भी यह व्‍यवस्‍था बन गई है।

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