105 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को मिलेगी सम्मान निधि

भोपाल, दिसम्बर 2015/ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुसलमान समुदाय के देशभर के 105 प्रतिभाशाली मेधावी छात्र-छात्राओं को 10-10 हजार रुपये की सम्मान निधि प्रदान करने की घोषणा की है। श्री चौहान यहाँ भारतीय मूल के प्रवासी मुसलमानों की संस्था फेडरेशन ऑफ मुस्लिम ऑफ इंडियन ओरिजन (यू.एस.ए. कनाडा) के 24वें सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। दो दिवसीय कार्यक्रम एसोसिएशन ऑफ इंडियन मुस्लिम भोपाल द्वारा किया गया।

श्री चौहान ने कहा कि शिक्षा वही है, जो इंसान बनाए। तालीम बहुत जरूरी है। प्रदेश सरकार ने बिना किसी भेदभाव के शिक्षा के लिये आवश्यक सहयोग और सुविधाएँ उपलब्ध करवाई हैं। अल्पसंख्यक, कमजोर और सामान्य वर्ग के गरीब छात्र-छात्राओं के लिये छात्रवृत्ति की योजनाएँ संचालित की हैं। प्रदेश में 1 लाख 60 हज़ार अल्पसंख्यक विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी जा रही है। विदेशों में अध्ययन के लिये 15 लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी उपलब्ध करवाई जाती है। इन योजनाओं में लाभान्वित नहीं हो पाने वाले विद्यार्थियों को राज्य सरकार की गारंटी पर उच्च शिक्षा के लिये ऋण भी उपलब्ध करवाया जाता है। गाँव के बाहर पढ़ने जाने वाले बालक-बालिकाओं को साइकल दी जाती है। शिक्षा के लिये पुस्तकें नि:शुल्क मिलती हैं, आठवीं तक नि:शुल्क गणवेश भी दिया जाता है। परीक्षा में 60 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाली छात्रा को ‘गाँव की बेटी’ योजना में लाभान्वित किया जाता है। पहले जहाँ मध्यप्रदेश के एक-दो विद्यार्थी ही देश के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय शिक्षण संस्थाओं में चयनित होते थे आज उचित मार्गदर्शन और सुविधाएँ मिलने से इस वर्ष प्रदेश के 1700 छात्र-छात्रा का देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थाओं में चयन हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सरकार ने आमजन के साथ नया रिश्ता कायम किया है। यहाँ पर बेटियाँ बोझ नहीं वरदान समझी जाती हैं। वे लाड़ली लक्ष्मी हैं। जन्म के समय उन्हें 30 हजार का बचत पत्र मिलता है। शिक्षा के विभिन्न स्तरों पर आर्थिक सहायता मिलने के साथ ही बालिग होने पर वे लखपति हो जाती हैं। वर्ष 2006 से आज तक 21 लाख लाड़ली लक्ष्मी हैं। महिलाओं को शिक्षित बनाने के प्रयासों में सहयोग के साथ ही उनके स्वावलंबन के भी प्रभावी प्रयास किये गये हैं। शिक्षक के पदों और स्थानीय निकायों के निर्वाचन में महिलाओं के लिये 50 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था है। वन विभाग को छोड़कर शेष सभी सरकारी नौकरियों में 33 प्रतिशत स्थान महिलाओं के लिये आरक्षित है।

श्री चौहान ने कहा कि बिना भाईचारे जिन्दगी बेमानी है। यह भारत देश ही है जिसने दुनिया को प्रेम और भाईचारे का संदेश दिया है। यहाँ पर सबको सम्मान और प्रेम मिलता है। ‘मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना हिन्दी है हम वतन है हिन्दोस्ताँ हमारा।’ इसीलिये प्रदेश के मुख्यमंत्री निवास में सभी धर्मों के पर्व पूरे उत्साह, उल्लास और सम्मान के साथ मनाए जाते हैं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने स्मारिका ‘क्लारिऑन दी यूनिटी’ का विमोचन किया।

सम्मेलन को संस्थापक न्यासी डॉ. श्री ए.एस. नाकादर ने भी संबोधित किया। बताया कि फेडरेशन की स्थापना वर्ष 1992 में मुम्बई में हुई थी। शुरुआत 90 प्रतिशत से अधिक अंक पाने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत करने से हुई थी।

संस्था द्वारा उत्तरप्रदेश, पंजाब, नई दिल्ली, गुजरात, उड़ीसा, तेलंगाना, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड, असम, बिहार, केरल, कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर, मणिपुर, उत्तराखंड और हरियाणा के प्रतिभाशाली मुस्लिम विद्यार्थियों को सम्मानित किया जा रहा है।

इस अवसर पर विधायक आरिफ अकील, भोज विश्वविद्यालय के उप कुलपति डॉ. तारिक जफर, अलीगढ़ विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. मेहमूदुर रहमान, चेयरमेन कन्वोकेशन अरब आवेसी, प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं के पालक और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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