995 करोड़ की उच्चतर शिक्षा अभियान परियोजना मंजूर

भोपाल, अप्रैल 2015/ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में सम्पन्न मंत्रि-परिषद् की बैठक में राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान परियोजना में विभिन्न घटकों तथा तीन वर्ष में 995 करोड़ के व्यय प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। परियोजना में प्रदेश के 3 स्वशासी महाविद्यालय का विश्वविद्यालय में उन्नयन, 2 महाविद्यालय का क्लस्टर विश्वविद्यालय में परिवर्तन तथा 10 विश्वविद्यालय का अधोसंरचना विकास किया जायेगा। साथ ही 5 नवीन मॉडल महाविद्यालय की स्थापना की जायेगी, 8 वर्तमान महाविद्यालय का मॉडल महाविद्यालय में उन्नयन, 3 नवीन तकनीकी महाविद्यालय की स्थापना तथा 100 महाविद्यालय में अधोसंरचना विकास किया जायेगा।

इसके अलावा परियोजना में 9 विश्वविद्यालय एवं 54 महाविद्यालय में शोध नवाचार तथा गुणवत्ता सुधार कार्य किया जायेगा, 41 महाविद्यालय एवं 12 विश्वविद्यालय में साम्यता की पहल की जायेगी, 2 पूर्व स्थापित (जबलपुर एवं इंदौर) तथा 4 नवीन (भोपाल, रीवा, उज्जैन और ग्वालियर) नवीन अकादमी स्टॉफ महाविद्यालय एवं 2 नवीन फेकल्टी ट्रेनिंग सेंटर स्थापित होंगे। परियोजना में तकनीकी शिक्षा के लिए एक ट्रेनिंग सेंटर की सहायता से शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार, 92 महाविद्यालय एवं 8 विश्वविद्यालय में रोजगारोन्मुखी शिक्षा का विकास भी किया जायेगा।

मंत्रि-परिषद् ने विशिष्ट सेवा श्रेणी मेडल प्राप्तकर्ताओं को नगद अनुदान स्वीकृत करने का निर्णय लिया। परम विशिष्ट सेवा मेडल प्राप्तकर्ता को एक लाख रुपये, अति विशिष्ट सेवा मेडल प्राप्तकर्ता को 50 हजार, विशिष्ट सेवा मेडल प्राप्तकर्ता को 25 हजार तथा सेना मेडल (विशिष्ट सेवा) प्राप्तकर्ता को 20 हजार रुपये का नगद अनुदान दिया जायेगा।

विशिष्ट सेवा श्रेणी की मेडल श्रंखला में किसी भी मेडल प्राप्तकर्ता को भूमि का आवंटन नहीं किया जायेगा। यह आदेश जारी होने की तिथि के बाद दिये जाने वाले मेडलों पर लागू होंगे। पूर्व के प्रकरणों में यह लागू नहीं होगा।

मरणोपरांत विशिष्ट सेवा श्रेणी के मेडल प्राप्तकर्ताओं के मामले में विधवा और बच्चों को 35-35 प्रतिशत और शेष 30 प्रतिशत अनुदान राशि माता-पिता को दी जायेगी। माता-पिता जीवित न होने की स्थिति में विधवा एवं बच्चों में बराबर बाँटी जायेगी। बच्चे न होने पर अनुदान राशि विधवा और माता-पिता को 50-50 प्रतिशत तथा माता-पिता एवं बच्चे जीवित न होने की स्थिति में पूरी राशि विधवा को दी जायेगी। बच्चे नाबालिग होने की स्थिति में अनुदान राशि उनके बालिग होने तक सावधि जमा रखी जायेगी। सावधि जमा पर प्राप्त होने वाला ब्याज भी जिला कलेक्टर की अनुमति के बिना नहीं निकाला जा सकेगा।

यदि मरणोपरांत विशिष्ट सेवा श्रेणी का मेडल प्राप्तकर्ता अविवाहित है तो पूरी अनुदान राशि माता-पिता को दी जायेगी। माता-पिता के जीवित न होने की स्थिति में अविवाहित बहन एवं भाई को बराबर बाँट दी जायेगी।

मंत्रि-परिषद् ने वन रक्षकों की सीधी भर्ती व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा पृथक से करवाने का निर्णय लिया। यह भर्तियाँ मध्यप्रदेश तृतीय श्रेणी (अलिपिक वर्गीय) वन सेवा भर्ती नियम 2000 के प्रावधानों के अनुसार की जायेंगी।

मंत्रि-परिषद् ने विधानसभा में नवीन आवासीय परिसर के निर्माण के लिये 127.02 करोड़ की परियोजना मंजूर की।

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