दिल्‍ली एमसीडी चुनाव नतीजों पर हाजिर हैं चंद लाइनें

ओम वर्मा 

फोड़ें आओ ठीकरा, फिर मशीन के माथ।

दी मोदी को गालियां, होना पड़ा अनाथ।।

होना पड़ा अनाथ, गली ना दाल तुम्‍हारी।

‘मिले हुए सब लोग’, गई इनकी मति मारी।।

कहे ‘ओम’ कविराय, अपने अहम को छोड़ें।

खोजें अपने पाप, ठीकरा खुद पर फोड़ें।।

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