बारिश की यह छोटी सी कविता पढ़ें मजा आ जाएगा

मिट्टी के लोग
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महीनों इंतज़ार किया
जिस बारिश का
जब वह आई
तो भीगने से मना कर दिया सबने

बारिश के खिलाफ
सड़कों पर निकल आये
छाते और रेनकोट

पानी से बचने के लिए
दुकानों के अहातों और दरख़्तों के नीचे
ठिठक कर खड़े हो गए
मिट्टी के लोग ।

# मणि मोहन मेहता

Mani Mohan Mehta

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