अच्छी कीमत पर उत्‍पाद बेचना किसानों का अधिकार-मुख्यमंत्री

भोपाल, फरवरी 2013/ मुख्यमंत्री चौहान ने कहा है कि किसानों को देश-विदेश में जहां भी अपने उत्पाद की अच्छी कीमत मिले वहां बेचने का अधिकार मिलना चाहिए। कृषि उत्पादों के निर्यात पर प्रतिबंध लगाना अनुचित है। श्री चौहान भोपाल में इंटरनेशनल हार्टी एक्सपो-2013 के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में कृषि मंत्री डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया विशेष रूप से उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने स्वयं अपनी खेती में किये गये उद्यानिकी प्रयोगों के अनुभवों को किसानों से साझा किया। कहा कि जीवकोपार्जन के लिये खेती से बेहतर कुछ हो नहीं सकता। कृषि का परिदृश्य बदलें अपने परिश्रम से नया इतिहास रचें।सरकार इसमें हर संभव मदद करेगी। किसान परंपरागत खेती के साथ फलों-फूलों और अन्य उद्यानिकी फसलों की खेती शुरू करें। राज्य शासन खेती को फायदे का धंधा बनाने के लिये प्रतिबद्ध है। अभी कुछ वर्ष पहले तक मध्यप्रदेश में खेती बहुत कठिनाई भरी थी। सिंचाई, बिजली आदि सभी में किसान परेशान थे। केन्द्र से गेहूँ मांगने पर प्रदेश के कम उत्पादन का उपहास होता था। इस शासन ने सिंचाई को प्राथमिकता दी। पिछले सात साल पहले जहां केवल 7 लाख हेक्टेयर में सिंचाई होती थी गतवर्ष बढ़कर 21 लाख हेक्टेयर हो गयी। अब अगले वर्ष सिंचाई का रकबा बढ़ाकर 24 लाख हेक्टेयर किया जायेगा। नर्मदा के पानी को क्षिप्रा में डालकर मालवा को हरा-भरा बनाने की परियोजना का काम शुरू हो गया है। आगे प्रदेश के चंबल, ग्वालियर, विन्ध्य, बुदेलखंड में भी नदियों को जोड़कर खेतों को सिंचित करेंगे। बिजली की समस्या भी हल हो रही है। आगामी मई अंत तक हर गांव 24 घंटे बिजली मिलेगी। प्रदेश में कृषि उत्पादन तेजी से बढ़ा है, गेहूँ और धान में रिकार्ड उत्पादन हुआ है। उन्होंने कहा अब परंपरागत खेती से साथ-साथ उद्यानिकी फसलों की ओर किसानों को ध्यान देना चाहिए। किसानों को अपने उत्पादों का उचित मूल्य मिले इसकी हर संभव कोशिश की जा रही है।

किसान फसलों का विविधिकरण करें। क्राप्स पेटर्न बदलें इससे किसानों को खेती में होने वाली आय बढ़ेगी। उद्यानिकी फसलें आधुनिक ढंग से की जायें तो ज्यादा लाभ होता है। उद्यानिकी फसलों के लिये किसान समूह बनाकर खेती करें। किसान और खेती आगे बढ़ेगी तो देश आगे बढ़ेगा।

कृषि मंत्री डॉ. कुसमरिया ने कहा कि मध्यप्रदेश में उद्यानिकी फसलों में 15 प्रतिशत की विकास दर से वृद्धि हो रही है। होशंगाबाद जिले के पवारखेड़ा में उद्यानिकी हब बनाया जा रहा है। साथ ही प्रदेश के सात संभागों में उत्कृष्ट उद्यानिकी नर्सरियां स्थापित की जा रही है। फूलों की खेती करने वाले किसानों के लिये मार्केटिंग की व्यवस्था की जा रही है। खेती में 18.9 प्रतिशत कृषि विकास दर के लिये केंद्र सरकार से मिले कृषि कर्मण अवार्ड से प्रदेश का किसान सम्मानित हुआ है। कृषि उत्पादन आयुक्त श्री मदनमोहन उपाध्याय ने कहा कि भारत फल-फूल सब्जी उत्पादन में दुनिया का दूसरा बड़ा उत्पादक देश है। प्रदेश में उद्यानिकी के क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की उपस्थिति में 47 कंपनियों ने किसानों से करारनामें किये। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उद्यानिकी की संबंध में सी.आई.आई. के द्वारा प्रकाशित पुस्तकों का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने प्रारंभ हार्टी एक्सपो के अंतर्गत लगायी प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। तीन दिवसीय इस एक्सपो में 85 कंपनियां भाग ले रही हैं। इसमें उद्यानिकी से जुड़ी नवीनतम तकनीकों का प्रदर्शन यंत्रीकरण, बीमा, संरक्षित खेती, खाद-बीज के उपयोग सहित उद्यानिकी के लाभों से अवगत कराने के लिये सेमीनार आयोजित किये जा रहे हैं।

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