अजा- जजा कल्‍याण संबंधी संसदीय समिति की बैठक

भोपाल, फरवरी 2013/ अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण संसदीय समिति ने सांसद गोविंदचन्द्र नस्कर की अध्यक्षता में एक बैठक में मध्यप्रदेश के अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग कल्याण के लिए चलाई जा रही योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा की। बैठक में समिति के सदस्य सांसद बालचन्द्र मुगेकर, मोहिन्दर सिंह केपी, भूदेव चौधरी, डॉ. किरत प्रेमाजी भाई सोलंकी, फग्गनसिंह कुलस्ते, अर्जुन राम मेघवाल, नन्द कुमार साय एवं श्रीमति ज्योति धुर्वे भी मौजूद थीं।

बैठक में बताया गया कि प्रदेश की कुल जनसंख्या में से 15.17 प्रतिशत आबादी अनुसूचित जाति एवं 20.27 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति वर्ग की है। प्रदेश में अनुसूचित जनजाति वर्ग में महिला साक्षरता दर को बढ़ाने के लिए 13 आवासीय कन्या शिक्षा परिसर संचालित किये जा रहे हैं। अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के प्रतिभाशाली बच्चों को उत्कृष्ट शिक्षा दिये जाने के उद्देश्य से जिले एवं ब्लॉक स्तर पर उत्कृष्ट शिक्षा केन्द्र संचालित किये जा रहे हैं। इनमें पढ़ने वाले विद्यार्थियों को अन्य सुविधाओं के साथ कम्प्यूटर की ट्रेनिंग भी उपलब्ध करवाई जा रही है। बैठक में बताया गया कि अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के कल्याण के लिए जन-भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए 70 स्वयंसेवी संस्थाओं को शैक्षणिक गतिविधियों एवं अन्य कार्यों के लिए अनुदान उपलब्ध करवाया जा रहा है। इन वर्गों के विद्यार्थी विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकें इसके लिए राज्य शासन ने विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना भी प्रारम्भ की है। इस योजना में प्रतिवर्ष दोनों वर्ग के 10-10 विद्यार्थी को फायदा दिलाया जा रहा है। बैठक में समिति ने प्रदेश की तकनीकी एवं चिकित्सा शिक्षण संस्थाओं में विशेषतः निजी शिक्षण संस्थानों में शिक्षण के दौरान उनकी फीस की प्रतिपूर्ति एवं छात्रवृत्ति संबंधी विषयों की जानकारी भी प्राप्त की। समिति को बताया गया कि प्रदेश में इन वर्गों के विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान निःशुल्क साईकिल भी प्रदाय की जा रही हैं। मध्यप्रदेश ऐसा राज्य है जहाँ छात्रावास एवं आश्रम की शिष्यवृत्ति की दर को उपभोक्ता मूल्य सूचकांक से जोड़ा गया है। संसदीय समिति ने इन वर्गों के शैक्षणिक उत्थान के लिए प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा में अधोसंरचना विकास पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी।

बैठक में अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम में दर्ज प्रकरणों के निराकरण एवं दोषियों को सजा दिलाये जाने के बारे में जानकारी प्राप्त की। समिति को बताया गया कि प्रदेश के समस्त 50 जिलों में अजाक्स थानों की स्थापना की गई है। विशेष न्यायालय 33 जिलों में गठित किये गये हैं। इन न्यायालय में दर्ज प्रकरणों में त्वरित रूप से निर्णय दिये जाने की कार्यवाही की जा रही है। समिति को बताया गया कि प्रदेश में अभिनव पहल के तहत ‘‘जन सुनवाई’’ की प्रक्रिया भी प्रारम्भ की गई है। सप्ताह में एक दिन पीड़ित व्यक्ति अपनी समस्याओं को वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष रख सकता है। बैठक में ग्रामीण विकास से संबंधित योजनाओं की भी जानकारी दी गई। समिति को बताया गया कि मुख्यमंत्री अंत्योदय आवास योजना में अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के हितग्राहियों को शत-प्रतिशत राशि अनुदान स्वरूप उपलब्ध करवाई गई है। बैठक में शासकीय विभागों में अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भर्ती एवं पदोन्नति के दौरान आरक्षित वर्गों को दिये जाने वाले लाभ की जानकारी भी दी गई।

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