अधिक विद्यार्थी एनएसएस की रचनात्मक गतिविधियों में हिस्सा लें

भोपाल, नवंबर 2012/ उच्च शिक्षा एवं जनसंपर्क मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा ने कहा है कि मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय सेवा योजना से युवाओं को और अधिक संख्या में जोड़ते हुए समाज को सशक्त बनाने के अभियानों में उनकी ऊर्जा का और अधिक उपयोग किया जाए। श्री शर्मा ने निर्देश दिए कि स्वामी विवेकानंद के 150वें जन्म वर्ष पर जनवरी 2013 से जनवरी 2014 तक योजना की गतिविधियों का निरंतर आयोजन किया जाए। अगले वर्ष रासेयो दिवस 24 सितंबर एवं पं. दीनदयाल उपाध्याय जन्म दिवस 25 सितंबर पर दो दिवसीय विशेष आयोजन के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि यह आयोजन स्वच्छता और समरसता की भावना को विकसित करने के लिए पिछड़ी बस्तियों के रहवासियों की भागीदारी के साथ होना चाहिए।

उच्च शिक्षा मंत्री ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय और राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में भी रासेयो इकाइयाँ प्रारंभ करने के निर्देश दिए। रासेयो के प्रति गंभीर न रहने वाले महाविद्यालय प्राचार्य के गोपनीय प्रतिवेदन में इसके उल्लेख के साथ ही लापरवाह कार्यक्रम अधिकारियों के विरुद्ध निलंबन की कार्यवाही के निर्देश दिए। जबलपुर विश्वविद्यालय के पूर्व कार्यक्रम अधिकारी को रासेयो के प्रति उदासीन रवैया अपनाने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

उच्च शिक्षा मंत्री मंत्रालय में राष्ट्रीय सेवा योजना की राज्य-स्तरीय समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्‍होंने इस अवसर पर उच्च शिक्षा विभाग द्वारा प्रकाशित पुस्तिका ‘राष्ट्रीय सेवा योजना – प्रदेश परिदृश्य- 2012’ और रासेयो विक्रम विश्व विद्यालय उज्जैन की पुस्तिका परिदृश्य का विमोचन भी किया। बैठक में बताया गया कि इस वर्ष प्रदेश के चार एनएसएस विद्यार्थियों को राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चुना गया है। ये विद्यार्थी राष्ट्रपति के हाथों आगामी 19 नवम्बर को पुरस्कार प्राप्त करेंगे।

बैठक में मध्यप्रदेश में योजना से जुड़े विद्यार्थियों को वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान, आपदा प्रबंधन, रक्तदान, नेत्रदान के संकल्प, पल्स पोलियो अभियान, खेल गतिविधियों और सांस्कृतिक आयोजनों से जोड़ने में मिली सफलता का उल्लेख किया गया। उच्च शिक्षा मंत्री श्री शर्मा ने रासेयो की इन गतिविधियों की प्रशंसा करते हुए निर्देश दिए कि वृक्षारोपण कार्य को और नियोजित स्वरूप प्रदान करते हुए छोटी-छोटी वाटिकाओं का विकास और आकर्षक पुष्प क्यारियों का निर्माण किया जाए। इसके अलावा कौशल विकास कार्यक्रमों, नशा मुक्ति अभियान, बिजली बचाओ अभियान और बेटी बचाओ अभियान से संबंधित गतिविधियों से भी युवाओं को जोड़ा जाए। अभी प्रदेश में सात विश्वविद्यालय से संबद्ध 616 महाविद्यालय में कुल एक लाख 31 हजार विद्यार्थी राष्ट्रीय सेवा योजना से जुड़े हैं। गत वर्ष प्रदेश में 660 शिविर करने के लक्ष्य के मुकाबले 946 शिविर किए गए। आगामी जनवरी माह में राज्य-स्तरीय शिविर का आयोजन प्रस्तावित है।

बैठक में सचिव उच्च शिक्षा जे.एन. कंसोटिया, आयुक्त उच्च शिक्षा वी.एस. निरंजन, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डी.पी. सिंह, विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन के कुलपति टी.आर. थापक और डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर, अवधेश प्रतापसिंह विश्वविद्यालय, रीवा, रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर और जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर के कार्यक्रम अधिकारी उपस्थित थे।

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