अब तक करीब 45 लाख खसरा-खतौनी का वितरण

भोपाल, अक्टूबर 2014/ मध्यप्रदेश में कृषकों को खेती की नई तकनीक बतलाने, कृषि उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने और कृषक एवं कृषि वैज्ञानिकों के बीच संवाद स्थापित करने चल रहे कृषि महोत्सव में अब तक 44 लाख 68 हजार 615 राजस्व अभिलेख एवं खसरा-खतौनी का वितरण किया गया है। उल्लेखनीय है कि कृषि महोत्सव प्रदेश में 25 सितम्बर से चलाया जा रहा है।

कृषि महोत्सव के दौरान कृषक शिविर में भाग लेने वाले कृषकों की संख्या 22 दिन में 20 लाख 11 हजार 227 हो गई है। शिविर में उद्यानिकी के 7 लाख 67 हजार 388 पौध और 5 लाख 31 हजार 376 किट भी वितरित किये गये हैं। विशेष पोषण दिवस में एकत्रित अनाज की मात्रा 4 लाख 8 हजार 967 किलो हुई है। महोत्सव के दौरान 3 लाख 25 हजार 851 वन विभागीय योजनाओं के हितग्राही को स्वीकृति-पत्र एवं लाभ और एक लाख 74 हजार 795 वन पौधों का वितरण किया गया। शिविरों के माध्यम से 5 लाख 21 हजार 690 पशु-चिकित्सा एवं पशु-पालन संबंधी किट का वितरण किया गया और 33 हजार 607 कृत्रिम गर्भाधान किये गये।

महोत्सव के दौरान 22 हजार 686 कृषक शिविर लगे। कुल 24 हजार 264 गाँव में कृषि क्रांति-रथ का भ्रमण हुआ। एक लाख 10 हजार 346 किसानों को स्वाइल हेल्थ-कार्ड का वितरण हुआ। साथ ही 2 लाख 20 हजार 988 मृदा परीक्षण के नमूने लिये गये। कुल 25 हजार 167 चयनित वन-पट्टाधारियों को योजनाओं का लाभ दिलवाया गया। सूरजधारा योजना में 93 हजार 847, अन्नपूर्णा योजना में 59 हजार 242 और बीज ग्राम योजना में 40 हजार 515 कृषि-किट का वितरण किया गया।

महोत्सव में मुख्यमंत्री खेत-तीर्थ योजना के दलों के भ्रमण में भाग लेने वाले कृषक की संख्या 33 हजार 417 पहुँची है। बलराम तालाब योजना के 5,207 नवीन कार्यों का शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री खेत-तीर्थ योजना के दलों ने 3,090 खेत का भ्रमण, 39 हजार 592 नामांतरण और 3427 सीमांकन प्रकरणों का निराकरण किया गया। ऊर्जा विभाग ने 43 हजार 255 खेतों में स्थाई पम्प कनेक्शन दिये। पंचायत एवं ग्रामीण विकास की ‘मेरा खेत-मेरी माटी’ योजना के 35 हजार 235नवीन कार्यों का शुभारंभ हुआ। कमाण्ड एरिया में 18 हजार 629 हेक्टेयर की बढ़ोत्तरी हुई।

सहकारिता के माध्यम से 3 लाख 81 हजार से अधिक किसान क्रेडिट-कार्ड का वितरण, उद्यानिकी के माध्यम से 9150 प्रति बूँद ज्यादा फसल अंतर्गत स्प्रिंकलर/ड्रिप सेट का वितरण और स्कूल शिक्षा एवं आदिम-जाति कल्याण के माध्यम से कृषि क्रांति-रथ के ठहराव वाले ग्रामों में 16 हजार 249 सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here