अभी से बारदाने की सवा 6 लाख गठानों के लिये केन्द्र से मांग

भोपाल, नवंबर 2012/ रबी के पिछले सीजन के दौरान केन्द्र से समय पर बारदाना प्राप्त नहीं होने से आयी दिक्कतों और आगामी फसलों के विपुल उत्पादन की व्यापक संभावना को ध्यान में रखते हुए प्रदेश शासन ने अभी से 6 लाख 25 हजार गठानों की मांग की है। इसके लिये अपेक्षित राशि भी भेज दी गयी है। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने निर्देश दिये हैं कि समय से बारदाना प्राप्त करने के सभी प्रयास किये जाय। जरूरत होने पर वे खुद भी इस बारे में केन्द्रीय मंत्री से आग्रह करेंगे। उन्होंने जूट बारदानों की अप्राप्ति की हालत में प्लास्टिक बैग में गेहूँ रखने की अनुमति भी अभी से प्राप्त करने के निर्देश दिये हैं।

श्री चौहान यहाँ खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि किसानों को फसल बेचने के लिये एसएमएस से सूचना देने की व्यवस्था जारी रखी जाये। उन्होंने कहा कि सूचना फसल आने के बाद ही दी जाय। खाद्य मंत्री श्री पारस जैन, मुख्य सचिव श्री आर.परशुराम, अपर मुख्य सचिव श्री एंटोनी जे.सी. डिसा भी बैठक में मौजूद थे। बताया गया कि उज्जैन, इन्दौर, भोपाल, नर्मदापुरम में आगामी 18 मार्च से 18 मई तक तथा चंबल, ग्वालियर, रीवा, शहडोल, जबलपुर एवं सागर संभाग में 25 मार्च से 25 मई तक रबी खरीदी प्रस्तावित है।

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में सूचना प्रौद्योगिकी का उपयोग करते हुए रबी में प्रारम्भ की गयी ई-उपार्जन व्यवस्था की न केवल भारत में बल्कि अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर अनेक देशों में सराहना हुई है। इस व्यवस्था के लिये प्रदेश को प्रधानमंत्री अवार्ड के लिये नामांकित किया गया है। संयुक्त राष्ट्र अवार्ड के लिये भी प्रस्ताव भेजा जा रहा है।

बैठक में बताया गया कि गत वर्ष की तुलना में इस साल खरीफ का उत्पादन बढ़ने की स्थिति है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि निर्धारित समर्थन मूल्य तथा घोषित बोनस के साथ बगैर परेशानी के किसानों से खरीदी की व्यवस्था रहे। बताया गया कि गत वर्ष मोटा अनाज खरीदने के 90 केन्द्र थे। इस वर्ष 199 केन्द्र खोले गये हैं। मुख्यमंत्री की घोषणा के पालन में गरीब वरिष्ठ नागरिकों और वृद्ध दम्पत्तियों को 64 हजार 434 अन्त्योदय योजना के राशन कार्ड उपलब्ध करवाये गये हैं। इसी तरह प्रदेश के 17 चयनित जिलों में एक लाख 61 हजार 336 बीपीएल परिवारों को भी राशन कार्ड दिये गये हैं।

बैठक में फसलों के सुरक्षित भण्डारण की भी समीक्षा की गयी। बताया गया कि आगामी दो वर्ष में 60 लाख मीट्रिक टन भण्डारण क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य है। इसमें 36 लाख 50 हजार मीट्रिक टन क्षमता निजी क्षेत्र की भागीदारी से बढ़ायी जायेगी।

बैठक में बताया गया कि एपीएल और बीपीएल के डुप्लीकेट राशन कार्ड जारी करने तथा सार्वजनिक वितरण की दुकान से उपभोक्ता को सामग्री प्राप्त करने की समयावधि को लोक सेवाओं के प्रदान की गारंटी कानून के दायरे में लाया जा रहा है।

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