अहिल्याबाई परोपकार की इच्छा-शक्ति का प्रतीक

इंदौर, अगस्त 2014/ लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने कहा है कि देवी अहिल्या बाई होलकर ने न्यायप्रियता, कुशल प्रशासक एवं धर्म के प्रति समर्पण भाव के साथ-साथ जन-कल्याणकारी कार्यों से अपनी रचनाधर्मिता का परिचय दिया। प्रात:-स्मरणीया अहिल्याबाई स्थितप्रज्ञ भाव से परोपकारी कार्यों को करने की प्रबल इच्छा-शक्ति का प्रतीक हैं। श्रीमती महाजन इंदौर में श्री अहिल्योत्सव समिति के 219वें अहिल्या पुण्य-स्मृति समारोह में बोल रही थीं। समारोह एक माह तक मनाया जायेगा।

नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि वाराणसी, हरिद्वार और नासिक में पवित्र नदियों के किनारे ‘अहिल्या घाट” बने हुए हैं। अहिल्या घाट लिखा हुआ देखकर हमें गर्व महसूस होता है।

पर्यटन राज्य मंत्री सुरेन्द्र पटवा ने कहा कि देवी अहिल्याबाई होलकर के आदर्श अनुकरणीय और अनुसरणीय है। देवी अहिल्याबाई बेहद दयालु तथा क्षमाशील होने के बावजूद न्याय व्यवस्था के पालन में सख्त और निष्पक्ष थीं।

कार्यक्रम को सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में कौशल विकास और कॅरियर मार्गदर्शन के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिये डॉ. जयंती लाल भंडारी का शाल-श्रीफल से अभिनन्दन किया गया। अंत में देवी अहिल्या की पालकी निकाली गयी।

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