आई.टी. में उपलब्धियों से भरपूर रहा साल

आई.टी. में उपलब्धियों से भरपूर रहा साल

भोपाल, दिसंबर 2012/ यह वर्ष मध्यप्रदेश में आई.टी. (सूचना प्रौद्योगिकी) के क्षेत्र में शानदार उपलब्धियों से भरपूर रहा। इस दौरान जहाँ इंदौर में 150 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित क्रिस्टल आई.टी. पार्क का लोकार्पण हुआ वहीं ग्वालियर में आई.टी. पार्क का भी शुभारंभ हुआ। इसी वर्ष भोपाल में स्टेट आई.टी. ने भी काम करना शुरू किया। इसके साथ ही इंफोसिस, टीसीएस और इम्पेटस जैसी दिग्गज आई.टी. कम्पनियों को इंदौर में जमीन आवंटित की गई। इसके अलावा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 3 हजार करोड़ रुपये के 47 करारनामों पर दस्तखत किए गए। इन्हीं उपलब्धियों की बदौलत मध्यभारत में मध्यप्रदेश आई.टी. हब बनने की ओर अग्रसर है।

भोपाल में 60 करोड़ की लागत से बनी देश की नायाब इमारत स्टेट आई.टी. सेंटर ने काम करना शुरू कर दिया है। इससे राज्य सरकार और उसके विभागों, निगमों, मंडलों आदि को ई-गवर्नेंस एप्लीकेशन्स के प्रबंधन और होस्टिंग के लिए सहभागी, विश्वसनीय और सुरक्षित अधोसंरचनात्मक सेवा उपलब्ध हुई है। इसके डाटा सेंटर से विभागों को आई.टी. सेवाओं के लिए डाटा निर्धारित करना, अंतर्राष्ट्रीय मापदंडों पर निर्मित और सुरक्षित प्रबंधकीय व्यवस्था, निरंतर कनेक्टिविटी और विशेषज्ञ सेवाएँ प्राप्त हुई हैं।

इंदौर में 150 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक सेवाओं से लैस आई.टी. पार्क का लोकार्पण हुआ है। पार्क को एस.ई.जेड. का दर्जा प्राप्त है। इसके पूरी तरह क्रियाशील हो जाने पर यहाँ आई.टी. के क्षेत्र में 5 हजार से ज्यादा युवाओं को सीधा रोजगार मिलेगा। साफ्टवेयर इकाइयों की स्थापना में यह मील का पत्थर है। वर्तमान में इस एस.ई.जेड. में मेसर्स इम्पेटस इंफोटेक इंडिया प्रायवेट लिमिटेड, मेसर्स क्लीयट्रेल टेक्नालॉजी प्रायवेट लिमिटेड एवं मेसर्स इन्टेलिंकस टेक्नालॉजी प्रायवेट लिमिटेड ने 285 लाख रुपये का निवेश किया है।

ग्वालियर में आई.टी. पार्क का इसी साल शुभारंभ हुआ। एक लाख वर्गफीट जमीन पर विकसित होने वाले इस पार्क में पहली कंपनी आइडिया सेल्युलर लिमिटेड आ चुकी है। कम्पनी को 7,500 वर्गफीट जगह दी गई है, जहाँ यह स्विच मेंटेनेन्स सेंटर बना रही है।

इंदौर में आई.टी. एस.ई.जेड. में इम्पेटस कंपनी को 25 एकड़, टीसीएस को 100 एकड़ और इन्फोसिस को 30 एकड़ जमीन दी गई है। इन कंपनियों द्वारा 5 साल में 3 हजार करोड़ से ज्यादा का निवेश किया जाएगा। इनमें 13 हजार आई.टी. और आई.टी.ई.एस. प्रोफेशनलस को सीधा रोजगार मिलेगा। साथ ही लगभग 32 हजार लोगों को परोक्ष रोजगार भी मिलेगा। तीनों कंपनी के साथ हुए करार में यह शर्त रखी गई कि उन्हें प्रति एकड़ 100 आई.टी. प्रोफेशनलस को काम देना पड़ेगा।

इंदौर में अक्टूबर में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में आई.टी. के क्षेत्र में 3 हजार करोड़ रुपये निवेश के लिए 47 करारनामों पर दस्तखत किए गए।

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