आरोग्य एक्सपो का भव्य शुभारंभ

भोपाल, दिसंबर 2012/ दुनिया के सबसे बड़े पंचम विश्व आयुर्वेद सम्मेलन के पहले दिन आज लाल परेड मैदान पर ‘आरोग्य एक्सपो’ का भव्य शुभारंभ हुआ। इसमें भारत की प्रतिष्ठित आयुर्वेद औषधि निर्माता कम्पनियों के साथ-साथ भारत सरकार और मध्यप्रदेश के आयुष विभाग तथा संस्थाओं ने अपने स्टॉल और प्रदर्शनियाँ लगाई हैं।

एक्सपो का शुभारंभ आयुर्वेद के जनक भगवान धनवंतरी और भगवान गणेश की स्तुति और मध्यप्रदेश गान के साथ हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में देश-विदेश से पधारे डॉक्टर, वैद्य, विद्यार्थी, शोधार्थी, विशेषज्ञ, आयुर्वेद विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि तथा आयुर्वेद प्रेमी उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विज्ञान भारती के संस्थापक अध्यक्ष प्रो. के.आई. वासु ने की।

इस अवसर पर उद्योग एवं विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और आयुष राज्य मंत्री महेन्द्र हार्डिया ने आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिये मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में मध्यप्रदेश शासन की प्रतिबद्धता को दोहराया। श्री विजयवर्गीय ने कहा कि भारत के ऋषि-मुनियों द्वारा अविष्कृत आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति दुनिया में सबसे अद्भुत है। मध्यप्रदेश में किसानों, विशेषकर आदिवासी किसानों की आर्थिक दशा में सुधार के उद्देश्य से आयुर्वेद तथा औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा देने के भरपूर प्रयास किये जायेंगे।

श्री महेन्द्र हार्डिया ने कहा कि आयुर्वेद में लोगों के बढ़ते विश्वास से आयुर्वेद से जुड़े सभी लोगों का उत्तरदायित्व अधिक बढ़ गया है। बीमारी रोकने तथा बीमारियों के उपचार के लिये आयुर्वेद से अच्छी कोई पैथी नहीं है। उन्होंने कहा कि दक्षिण भारत में आयुर्वेद का बहुत अच्छी तरह संरक्षण किया गया है। वहाँ की तकनीकों को मध्यप्रदेश के आयुर्वेद कॉलेजों में लाया जायेगा। मध्यप्रदेश में 30 साल के बाद अब पीएससी के माध्यम से चिकित्सकों की भर्ती तथा आयुष के पद भरने की कार्यवाही की जा रही है।

महापौर श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा कि आयुर्वेद सिर्फ चिकित्सा पद्धति नहीं, बल्कि सम्पूर्ण जीवन-शैली है। आयुर्वेद भारत के जन-मानस में गहराई से समाया हुआ है। यह हमारे जीवन को नियंत्रित और संतुलित रखता है। उन्होंने आयुर्वेद के प्रति और अधिक जन-जागरण की आवश्यकता पर बल दिया।

एक्सपो

आयोजन-स्थल पर क्षीरसागर पेवेलियन में आरोग्य एक्सपो लगाया गया है। इसमें केन्द्रीय आयुर्वेद विज्ञान अनुसंधान परिषद, राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ, भारतीय चिकित्सा भेषज संहिता प्रयोगशाला, केन्द्रीय सिद्ध अनुसंधान परिषद, राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा संस्थान, केन्द्रीय आयुर्वेदीय विज्ञान अनुसंधान परिषद, मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान, केन्द्रीय सिद्ध अनुसंधान परिषद, केन्द्रीय योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान परिषद, पं. खुशीलाल शर्मा शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय, मध्यप्रदेश लघु वनोपज संघ आदि संस्थाओं ने प्रदर्शनियाँ और स्टॉल लगाये हैं। साथ ही धूतपापेश्वर, झण्डू, ऊँझा, वैद्यनाथ, धातरी, साण्डू, एसकेएम सिद्धा एण्ड आयुर्वेद, जमुना, डाबर, रसाला, आयुष, रसगोला, कश्मीर फार्मास्युटिकल, चैतन्य फार्मा, महर्षि फार्मा, दीनदयाल औषधि आदि विभिन्न आयुर्वेद औषधि निर्माता कम्पनियों के स्टॉल लगे हैं।

आयुष राज्य मंत्री महेन्द्र हार्डिया ने एक्सपो में विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया और आयुर्वेद औषधियों तथा विधाओं के विषय में जानकारी प्राप्त की।

निःशुल्क चिकित्सा

विश्व आयुर्वेद सम्मेलन के दौरान 10 दिसम्बर तक निःशुल्क आयुर्वेद परामर्श और चिकित्सा की भी व्यवस्था की गई है। देश के जाने-माने वैद्य और आयुर्वेद विशेषज्ञ रोगियों का निःशुल्क परीक्षण कर औषधियाँ देंगे। कुछ परामर्श केन्द्र शुक्रवार शाम से शुरू हो गये हैं और कुछ शनिवार से शुरू हो जायेंगे।

इस अवसर पर राज्य आयोजन समिति के अध्यक्ष वैद्य गोपाल दास मेहता, वर्ल्ड आयुर्वेद फाउण्डेशन के महासचिव गीता कृष्णन, आयोजन समिति सचिव मधुसूदन देशपाण्डे, आयुक्त आयुष आर.ए. खण्डेलवाल तथा अन्य लोग भी उपस्थित थे।

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