उद्योगों से ही बनेगी मेड इन एम पी ब्रांड की पहचान

भोपाल, अक्टूबर 2014/ प्रदेश में किसान हितैषी सरकार है, किसान की उन्नति के लिए अनेक कदम उठाये जा रहे हैं। हम प्रदेश में खेती को लाभ का धंधा बनाकर ही चैन की साँस लेंगे। प्रदेश कृषि विकास दर में अव्वल है। यह बात मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने देवास के समीप खटाम्बा में जॉन डियर देवास वर्क्स के ट्रेक्टर प्लांट की स्थापना की प्रथम वर्षगाँठ पर किसान दिवस कार्यक्रम में कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम प्रदेश को औद्योगिक राज्य बनाने जा रहे हैं। यहाँ बनने वाले उत्पादों की अपनी अलग पहचान होगी। मप्र की ”मेड इन एम पी ब्रांड” से पृथक पहचान बनेगी।

समारोह में कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन, उद्योग मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया, स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री दीपक जोशी, जॉन डियर के प्रबंधक निदेशक सतीश नाडीगर, सांसद मनोहर ऊंटवाल, विधायक सर्वश्री राजेंद्र वर्मा, आशीष शर्मा और बहादुर मुकाती उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने समारोह में किसानों को ट्रेक्टर गोल्डन चाबियाँ वितरित की और कस्टम हायरिंग केंद्र का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश तेजी से औद्योगिक राज्य के रूप में विकसित हो रहा है। हाल ही में सफल इन्वेस्टर मीट की गई। प्रदेश में अत्याधुनिक उद्योग स्थापित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने जॉन डियर ट्रेक्टर प्लांट का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने जर्मनी में भी इतना अत्याधुनिक प्लांट नहीं देखा। प्रदेश में स्किल्ड मेन पॉवर तैयार करेंगे। श्री चौहान ने जॉन डियर प्रबंधन को भी कहा कि वे रोजगार देने के साथ-साथ युवाओं को हुनरमंद भी बनाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़ाकर 27 लाख 50 हजार हेक्टेयर कर दिया गया है। मालवा की धरती की पानी की जरूरत महसूस करते हुए नर्मदा-शिप्रा नदियों को आपस में जोड़ा गया है। कालीसिंध, पार्वती तथा अन्य नदियों को आपस में जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री ने किसानों को सलाह दी कि रिज एवं फरो पद्धति का उपयोग करें, जिससे कम या अधिक वर्षा में उत्पादन प्रभावित नहीं होगा।

कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन ने कहा कि प्रदेश में कृषि संवर्धन नीतियों से अकूत उत्पादन हो रहा है। कृषि के यांत्रिकीकरण के लिए भी 120 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। प्रदेश के गन्ना उत्पादक जिलों में गन्ना हार्वेस्टर मशीन के लिए किसानों को 40 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान किया है। इस वर्ष प्रदेश में 450 कस्टम हायरिंग केन्द्र की स्थापना का लक्ष्य है।

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