उम्मीदवारों को देना होगा सिर्फ एक शपथ-पत्र

भोपाल/ मध्यप्रदेश में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव में नामांकन-पत्र दाखिल करने वाले उम्मीदवारों को अब दो के स्थान पर सिर्फ एक शपथ-पत्र ही लगाना होगा। भारत निर्वाचन आयोग ने निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों द्वारा नाम निर्देशन-पत्र के साथ प्रस्तुत किये जाने वाले शपथ-पत्र के प्रारूप (फार्म-26) में संशोधन किया है।

उम्मीदवारों को इसके पूर्व फार्म-26 में दो शपथ-पत्र देना पड़ते थे। एक शपथ-पत्र में आपराधिक पृष्ठभूमि तथा दूसरी में देनदारी, सम्पत्ति विवरण और शैक्षणिक योग्यता बताना पड़ती थी। निर्वाचन आयोग के प्रस्ताव पर केन्द्र सरकार ने दोनों शपथ-पत्र को एक में शामिल करने के लिये संशोधन किया है। दोनों शपथ-पत्र की जानकारी अब एक ही प्रारूप में रहेगी। विधि एवं न्याय मंत्रालय ने फार्म-26 का संशोधित प्रारूप विगत एक अगस्त, 2012 को राजपत्र में अधिसूचना के जरिये प्रकाशित किया है।

पुनरीक्षित फार्म-26 में अब एक ही शपथ-पत्र देना होगा। निर्वाचन आयोग ने शपथ-पत्र के पुनरीक्षित प्रारूप को सभी निर्वाचन अधिकारियों की जानकारी में लाने के निर्देश दिये हैं। शपथ-पत्र की नई व्यवस्था विधानसभा चुनाव के साथ ही लोक सभा निर्वाचन में भी लागू रहेगी।

रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष अभ्यर्थी द्वारा प्रस्तुत किये जाने वाले शपथ-पत्र के पुनरीक्षित प्रारूप में क्रमांक एक से 6 तक उम्मीदवार के विवरण के अलावा पेन नम्बर, आयकर विवरणी, न्यायालय में लम्बित मामले और उनका पूर्ण विवरण, किसी अपराध के लिये सिद्धदोष ठहराये या नहीं ठहराये जाने के दंडादेश की स्थिति आदि की विस्तृत जानकारी रहेगी। शपथ-पत्र के इसी हिस्से में बिन्दु क्रमांक 7 से 9 तक उम्मीदवार स्वयं या उसकी पत्नी तथा सभी आश्रितों की अस्तियों (जंगम और स्थावर) का विस्तृत ब्यौरा, लोक वित्तीय संस्थाओं और सरकार के प्रति दायित्वों का ब्यौरा तथा वृत्ति या उपजीविका का विवरण दिया जायेगा। इसी शपथ-पत्र के क्रमांक 10 में अभ्यर्थी की शैक्षणिक अहर्ता का विवरण रहेगा।

शपथ-पत्र के भाग-ख में जो जानकारी देना होगी उसमें अभ्यर्थी का पूरा नाम, डाक का पता, उस राजनैतिक दल का नाम जिसने उसे चुनाव में खड़ा किया है, लम्बित ऐसे मामलों की संख्या जिसमें दो वर्ष या अधिक के कारावास से दंडनीय अपराधों के लिये न्यायालय द्वारा आरोप विरचित किये गये हैं। ऐसे मामलों की कुल संख्या जिनके न्यायालय (न्यायालयों) ने संज्ञान लिया है। ऐसे कुल मामलों की संख्या जिनमें सिद्धदोष ठहराया गया, एक या उससे अधिक वर्ष के लिये कारावास से और दंडित किया गया है। इसी भाग में अभ्यर्थी की स्थायी लेखा संख्या, अंतिम आयकर विवरणी, कुल दर्शित आय, अस्तियों और दायित्वों के ब्यौरे (रुपये में), जंगम अस्तियाँ, स्थावर अस्तियाँ, स्वर्जित स्थावर सम्पत्ति की क्रय कीमत, क्रय के पश्चात स्थावर सम्पत्ति की विकास/संनिर्माण लागत, सम्पत्ति की अनुमानित वर्तमान बाजार कीमत, सरकारी शोध्य, बैंक, वित्तीय संस्थाओं और अन्य से लिया गया ऋण, उच्चतम शैक्षिक अहर्ता आदि की जानकारी का समावेश रहेगा। शपथ-पत्र के अंतिम हिस्से में अभ्यर्थी द्वारा सत्यापन किया जायेगा।

उम्मीदवार को शपथ-पत्र नामांकन दाखिल करने के अंतिम दिन अपरान्ह 3 बजे तक जमा करना होगा। शपथ-पत्र पर किसी शपथ कमिश्नर या प्रथम वर्ग मजिस्ट्रेट के समक्ष या किसी नोटरी पब्लिक के समक्ष शपथ ली जाना चाहिये। शपथ-पत्र में उल्लेखित सभी स्तंभों को अभ्यर्थी द्वारा भरा जाना होगा। कोई स्तंभ खाली नहीं छोड़ा जायेगा, यदि किसी मद के संबंध में देने के लिये कोई जानकारी नहीं है तो यथास्थिति ‘‘शून्य’’ या ‘‘लागू नहीं होता’’ का उल्लेख करना होगा। शपथ-पत्र टंकित अथवा सुपाठ्य रूप से साफ-साफ लिखा होना चाहिये।

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