एफसीआई को अतिरिक्त धान उठाने का निर्देश दे केंद्र: शिवराज

भोपाल, फरवरी 2013/ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने केन्द्र सरकार से आग्रह किया है कि वह भारतीय खाद्य निगम को राज्य में उपलब्ध अतिरिक्त पाँच लाख मीट्रिक टन धान का उठाव कर राज्य के बाहर मिलिंग करने के लिए निर्देश दे।

केन्द्रीय राज्य मंत्री खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण प्रणाली प्रोफेसर के.वी. थॉमस को इस संबंध में लिखे पत्र में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में आवश्यकता से अधिक मात्रा में चावल उपलब्ध है इसे अन्य राज्यों में उपयोग में लाया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय मंत्री को बताया कि मध्यप्रदेश में अनाज उत्पादन में भारी वृद्धि हुई है। वर्ष 2009-10 में धान का उत्पादन 14 लाख मीट्रिक टन था जो वर्ष 2012-13 में बढ़कर 25 लाख मीट्रिक टन हो गया है। इससे उपार्जन की मात्रा भी बढ़ी है। समर्थन मूल्य पर चावल का उपार्जन 2009-10 में 2.23 लाख मीट्रिक टन था जो 2012-12 में बढ़कर 13.40 लाख हो गया। राज्य में बढ़े उत्पादन के मुकाबले धान से चावल बनाने की मिलिंग क्षमता में अपेक्षाकृत वृद्धि नहीं हुई। पूर्ववर्ती मध्यप्रदेश राज्य की ज्यादातर राइस मिलें अब छत्तीसगढ़ राज्य में स्थित है।

श्री चौहान ने कहा कि राज्य की उपार्जन एजेंसियों द्वारा पूर्व के खरीफ मौसम में उपार्जन की गई धान का करीब एक लाख मीट्रिक टन स्टॉक उपलब्ध है। इसके अलावा वर्तमान उपार्जन 13.40 लाख मीट्रिक टन है। इस प्रकार कुल 14.40 लाख मीट्रिक टन धान की मिलिंग की आवश्यकता है। राज्य में सार्वजनिक वितरण प्रणाली और ओ.डब्ल्यू.एस के लिए चावल की वास्तविक जरूरत 6 लाख मीट्रिक टन है। इसके विरूद्ध 9 लाख मीट्रिक टन धान पर्याप्त है। इसकी मिलिंग के लिये पूरे प्रयास किये जा रहे हैं।

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