एमपी ऑनलाइन परीक्षाओं में कोई गड़बड़ी नहीं

भोपाल, जुलाई 2014/ मध्यप्रदेश में एमपी ऑनलाइन के माध्यम से ली जाने वाली भर्ती परीक्षाएँ पूरी तरह वैधानिक और पारदर्शी हैं। इसके जरिये लोक-सेवाओं का भी प्रभावी तरीके से प्रदाय किया जा रहा है। वर्तमान में मध्यप्रदेश में ऑनलाइन परीक्षा लेने की विशेषज्ञता केवल एमपी ऑनलाइन के पास है। अभी तक इस माध्यम से 50 से अधिक परीक्षा सफलतापूर्वक सम्पन्न की जा चुकी हैं। इन परीक्षाओं में लगभग 4 लाख 45 हजार आवेदक ने भाग लिया। अब तक एमपी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से लगभग 4 करोड़ 50 लाख इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजेक्शन्स किये जा चुके हैं, जो पोर्टल की सफलता और लोकप्रियता का द्योतक है।

प्रदेश के आम नागरिकों को सुदूर क्षेत्रों में कियोस्कों के माध्यम से विभिन्न लोक महत्व की सेवाएं प्रदान करने के लिए राज्य शासन द्वारा 26 अक्टूबर 2005 को एम.पी. ऑनलाईन के रूप में संयुक्त क्षेत्र की कंपनी के गठन का निर्णय लिया गया। एम.पी.ऑनलाईन टी सी एस तथा एमपीएसईडीसी, राज्य शासन का उपक्रम का संयुक्त उपक्रम है।

एमपीऑनलाईन देश के सर्वाधिक लोकप्रिय मॉडल में से एक है। इसका अनुकरण देश के अन्य राज्य द्वारा किया जा रहा है। वर्तमान में एमपी ऑनलाईन के माध्यम से 54 विभाग/कार्यालयों की लगभग 350 से अधिक सेवाएँ प्रदेश के नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सफलतापूर्वक प्रदान की जा रही है।

एमपीऑनलाईन मध्यप्रदेश के सभी जिलों में अपने लगभग 4000 कियास्कों एवं लगभग 8000 अन्य नागरिक सुविधा केन्द्रों के माध्यम से सुदूर अंचल तक नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएँ उपलब्ध करा रहा है। इससे नागरिक सुविधा केन्द्र संचालकों को जीवन यापन का बड़ा आधार मिला है। अब तक एम पी ऑनलाईन द्वारा इन कियास्क संचालकों को लगभग 53 करोड़ रूपये का सेवाशुल्‍क प्रदाय किया गया है।

इससे स्पष्ट है कि राज्य शासन द्वारा प्रारंभ से ही लोक सेवाओं के प्रभावी प्रदाय के लिये दूरदर्शी सोच एवं विस्तृत कार्यक्षेत्र के साथ एमपी ऑनलाईन का गठन किया गया था। एमपी ऑनलाईन के कार्यक्षेत्र में वे सभी कार्य सम्मिलित हैं जिसके आधार पर पारदर्शी, त्वरित एवं सुविधापूर्ण इलेक्‍ट्रॉनिक सेवा प्रदाय किया जाना हो। यही कारण है कि, एम पी ऑनलाईन द्वारा प्रदेश में परीक्षाओं हेतु कियास्कों के माध्यम से आवेदन-पत्र जमा करने से लेकर परीक्षा आयोजन संबंधी कार्य भी किए जा रहे हैं।

महिला-बाल विकास विभाग के अधीन समेकित बाल संरक्षण योजना में 667 पद पर संविदा नियुक्ति के लिये वर्ष 2013 में एम पी ऑनलाईन के माध्यम से परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा को एमपी ऑनलाईन के माध्यम से करवाने के संबंध में मंत्री परिषद द्वारा निर्णय लिया गया था। सम्पूर्ण चयन प्रक्रिया का निर्धारण महिला-बाल विकास विभाग ने किया था। इस संबंध में विभाग एवं एम पी ऑनलाईन के मध्य एम ओ यू भी हस्ताक्षरित किया गया था। परीक्षा भी एमपी ऑनलाईन द्वारा सफलतापूर्वक आयोजित की गई। परीक्षा में किसी प्रकार की अनियमितता की कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई।

टी सी एस के तत्कालीन मुख्य परिचालन अधिकारी प्रमोद भार्गव का कार्यकाल मार्च 2011 से दिसंबर 2013 तक रहा। जनवरी 2014 से सतनाम सिंह सेठी मुख्य परिचालन अधिकारी हैं। एमपी ऑनलाईन को सूचना के अधिकार अधिनियम के अंतर्गत लोक प्राधिकारी घोषित किया गया है। जानकारियाँ जैसे – ऑडिट रिपोर्टस्, बैलेन्‍स शीट एवं अन्‍य सभी प्रकार की सूचनात्‍मक जानकारियॉं वेबसाईट पर उपलब्‍ध है। साथ ही अजय दुबे को सूचना के अधिकार के जरिये चाही गई सभी जानकारियॉं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग तथा एमपीऑनलाईन द्वारा उपलब्‍ध करवाई गई है।

एमपी ऑनलाईन के माध्यम से आयोजित ऑनलाईन परीक्षाएँ तथा अन्य सेवाएँ पूरी तरह से वैधानिक, पारदर्शी तथा जन-हितैषी हैं। इससे प्रदेश में सुशासन एवं ई-गव्हर्नेंस के एक नये युग की शुरूआत हुई है और आम नागरिकों को अपने द्वार पर विभिन्न सेवाएँ सहज उपलब्ध हो रही हैं।

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