किसानों की राह हुई आसान राजस्व प्रशासन का विकेन्द्रीकरण

भोपाल, सितंबर 2013/ प्रदेश के किसानों को प्रशासकीय सुविधाओं के साथ ही उन्नति के साधन मुहैया करवाने की दृष्टि से राजस्व विभाग ने पिछले कुछ साल में अनेक कारगर प्रयास किये हैं। नए संभाग, नए जिले और नई तहसीलों के गठन के साथ ही मध्यप्रदेश में पहली बार वर्ष 2011 में ‘प्रमुख राजस्व आयुक्त कार्यालय” की स्थापना कर पृथक से अमला उपलब्ध कराया गया है। राजस्व प्रशासन के बहुस्तरीय विकेन्द्रीकरण से प्रशासनिक दक्षता के साथ जनसामान्य के लिए सेवाएँ सुगम हुई हैं।

2 संभाग 3 जिले 89 तहसीले नई बनीं

प्रदेश के अधिक से अधिक लोगों को सुविधा और उन्नति की बेहतर परिधि में लाने के लिये राज्य शासन ने पिछले 5 साल में 2 नये संभाग, 3 जिले और 89 तहसील का गठन किया है। इसके अलावा प्रदेश के मजरे-टोलों में गाँव की सुविधाएँ उपलब्ध करवाने के लिये 681 मजरों-टोलों को पृथक गाँव बनाने की कार्यवाही भी तेजी से जारी है। वर्तमान में प्रदेश में 10 संभाग, 51 जिले 361 तहसील हैं।

भू-लेख का कम्प्यूटरीकरण

प्रदेश के सभी गाँव के 1 करोड़ 33 लाख भू-स्वामियों के 3 करोड़ 97 लाख खसरा नम्बरों का इलेक्ट्रॉनिक डाटा बेस तैयार हो गया है। डाटा बेस में सर्वे नम्बर, क्षेत्रफल, भूमि-स्वामी का नाम, स्वामित्व का प्रकार, पूर्ण पता, जाति, मिट्टी का प्रकार, भू-राजस्व, सिंचाई साधन और फसल के नाम की जानकारी शामिल है।

नक्शा-खसरा का कम्प्यूटरीकरण

सभी गाँवों के खसरा का कम्प्यूटरीकरण हो गया है। नक्शों का डिजिटाईजेशन कार्य करवाया जा रहा है। सभी तहसील मुख्यालय में खसरे के साथ नक्शे की प्रति भी कम्प्यूटर के माध्यम से प्रदाय की जा रही है।

घर बैठे मिली खसरा बी-1 नकल

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा फरवरी, 2013 में किसान महा-पंचायत में की गई घोषणा के अनुपालन में राजस्व विभाग ने एक अप्रैल से अभियान चलाकर 3 माह में किसानों को घर बैठे करीब 4 करोड़ खसरा और 1 करोड़ 35 लाख बी-1 की प्रतिलिपियाँ उपलब्ध करवाई हैं। काम निर्धारित समयावधि में पूरा हुआ।

नि:शुल्क भू-अधिकार ऋण-पुस्तिका

वर्ष 2008 में प्रदेश के खातेदारों एवं सह-खातेदारों को नवीन भू-अधिकार एवं ऋण पुस्तिकाओं का नि:शुल्क वितरण करवाने के निर्णय के तहत सभी 1 करोड़ 35 लाख खातेदारों को नि:शुल्क भू-अधिकार एवं ऋण-पुस्तिकाएँ वितरित की गईं।

समाधान शिविर

राजस्व संबंधी समस्याओं के निराकरण के लिये जुलाई, 2013 तक दो चरण में 1109 समाधान शिविर का आयोजन किया गया।

भू-अर्जन प्रकरण

प्रदेश में जुलाई, 2013 तक भू-अर्जन के कुल 10 हजार 335 प्रकरण में 3,140 करोड़ 48 लाख के अवार्ड पारित किये गये। इसमें से 2,807 करोड़ 91 लाख की राशि वितरित की जा चुकी है।

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