कुलपति प्रो. कुठियाला का कार्यकाल चार साल बढ़ा

भोपाल,  जुलाई 2014/ भोपाल स्थि‍त देश के अग्रणी पत्रकारिता संस्‍थान माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बृजकिशोर कुठियाला को चार वर्ष की सेवावृद्धि प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान की अध्यक्षता में विवि महापरिषद की गुरुवार को हुई विशेष बैठक में यह निर्णय किया गया। महापरिषद के सदस्य प्रेस काउंसिल ऑफ इण्डिया के अध्यक्ष न्यायमूर्ति मार्कण्डेय काटजू ने विगत वर्षों में विश्वविद्यालय द्वारा शैक्षणिक और अनुसंधान के क्षेत्र में किये गये उत्कृष्ट कार्यों की सराहना करते हुए वर्तमान कुलपति श्री कुठियाला को चार वर्ष का नया कार्यकाल दिये जाने का प्रस्ताव रखा जिसे महापरिषद द्वारा पारित किया गया। इस अवसर पर महापरिषद के सदस्य के रूप में कार्यकाल पूरा करने वाले सदस्यों को शॉल-श्रीफल से सम्मानित किया गया। बैठक में प्रतिपक्ष के नेता सत्यदेव कटारे, उच्च शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता, जनसंपर्क मंत्री राजेन्द्र शुक्ल एवं महापरिषद के सदस्य उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालय की प्रगति संतोषजनक है। यह एशिया में पत्रकारिता जगत के सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालय के रूप में स्थापित हुआ है। विश्वविद्यालय अन्तर्राष्ट्रीय मापदण्डों में और अधिक बेहतर हो आगे बढ़े, इस दिशा में निरंतर प्रयास किये जाने चाहिये। उन्होंने श्री कुठियाला को नये कार्यकाल के लिये हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में विश्वविद्यालय सबको साथ लेकर ठीक दिशा में आगे बढ़ेगा, ऐसी उनकी कामना है। उन्होंने महापरिषद का चार वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने पर सदस्यों के प्रति भी आभार ज्ञापित करते हुए कहा कि राज्य शासन द्वारा विश्वविद्यालय को अनुदान उपलब्ध करवाया जायेगा। इस अनुदान सहित विश्वविद्यालय द्वारा संचालित परीक्षा केन्द्रों, अधीक्षकों, परीक्षकों और पर्यवेक्षकों का सम्मानजनक पारिश्रमिक उचित फोरम पर विचार कर निर्धारित किया जाये।

कुलपति बी.के. कुठियाला ने विश्वविद्यालय के चार वर्ष के कार्यकाल का विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा तीन अन्तर्राष्ट्रीय संगोष्ठियों का आयोजन भी किया गया है।

महापरिषद द्वारा तय किया गया कि विश्वविद्यालय की आवश्यकता के अनुरूप प्रतिमाह मानदेय पर अतिथि अध्यापकों की भी सेवाएँ ली जायेंगी। यूजीसी अथवा एआईसीटीई की योग्यता पूर्ण करने वाले अध्यापक को 30 हजार रूपये और ऐसे अध्यापक जो पीएचडी अथवा नेट परीक्षा उत्तीर्ण नहीं हैं, को 25 हजार रूपये प्रतिमाह दिये जायेंगे। विश्वविद्यालय के संविदा पदों को समाप्त कर नियमित पदों की स्वीकृति दी गयी। विश्वविद्यालय में श्रीकांत जोशी फेलोशिप के अन्तर्गत राष्ट्रीय पत्रकारिता कल्याण न्यास द्वारा एक लाख रूपये और उतनी ही राशि विश्वविद्यालय द्वारा प्रदान की जायेगी।

बैठक में विश्वविद्यालय संबंधी कार्यों के प्रभावी संचालन के लिये जनसंपर्क मंत्री की अध्यक्षता में समिति गठित किये जाने का निर्णय महापरिषद ने लिया। इसी प्रकार विश्वविद्यालय के नोयडा स्थित केम्पस के लिये भवन क्रय करने के लिये समिति गठित कर कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया।

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