खेल से निःशक्तजन में नई शक्ति का संचार होता है

राज्यपाल राम नरेश यादव ने यहाँ टी.टी.नगर स्टेडियम में निःशक्तजन की राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता के पुरस्कार वितरित करते हुए कहा कि निःशक्त व्यक्तियों को प्रोत्साहित करने, उनके पुनर्वास और उनको समाज के हर क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर देने की आवश्यकता है। इस तरह की प्रतियोगिताएँ ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में भी की जाना चाहिए। निःशक्त बच्चों के बीच इस तरह की प्रतियोगिता से उनमें शिक्षा के साथ खेल और कला के प्रति जागरूकता आयेगी और उनमें नई शक्ति का संचार होगा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता जल संसाधन एवं पर्यावरण मंत्री जयंत मलैया ने की। प्रतियोगिता का आयोजन स्पेशल ओलम्पिक भारत, मध्यप्रदेश द्वारा 3 दिसम्बर 2012 से किया गया था। राज्यपाल ने आल ओवर चेम्पियनशिप ट्राफी महाराष्ट्र को, बेस्ट ड्रेसअप ट्राफी मध्यप्रदेश को और बेस्ट डिसिप्लीन ट्राफी गुजरात की टीम को दी। इस अवसर पर स्पेशल ओलम्पिक ऐसोसिएशन के राष्ट्रीय डायरेक्टर अली काजमी, अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी निःशक्त मास्टर अभिषेक दुबे विशेष रूप से उपस्थित थे।

श्री जयंत मलैया ने कहा कि स्पेशल ओलम्पिक के आयोजन का उद्देश्य मानसिक रूप से निःशक्त व्यक्तियों को अपनी शारीरिक और मानसिक क्षमता का प्रदर्शन करने का अवसर देने के साथ समाज में प्रतिष्ठा दिलाना है।

राज्यपाल ने खेल निदेशक ऐहतेशामउद्दीन द्वारा निःशक्त बच्चों के लिए तैयार सी डी का विमोचन भी किया। प्रतियोगिता में भाग लेने वाली टीमों के खिलाड़ियों ने मार्च-पास्ट कर राज्यपाल को सलामी दी। इस अवसर पर मूक-बधिर स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किये।

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