गाँव के उत्थान में विद्यार्थी सक्रिय भूमिका निभाएं: राज्‍यपाल

जबलपुर, नवंबर 2012/ राज्यपाल रामनरेश यादव ने जबलपुर में नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में उपाधि प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं से गाँवों और गरीबों के उत्थान के लिए काम करने और समाज में व्याप्त असमानता को दूर करने में सक्रिय भूमिका का निर्वाह करने का आग्रह किया। समारोह में एक छात्र को पी.एच.डी., दो छात्र को स्वर्ण पदक और 120 छात्र-छात्रा को स्नातक एवं स्नातकोत्तर उपाधि प्रदान की गई। राज्यपाल ने भारतीय पशु चिकित्सा परिषद के अध्यक्ष सेवानिवृत्त लेफ्टीनेंट जनरल डॉ. नारायण मोहन्ती तथा जबलपुर के पूर्व महापौर श्री विश्वनाथ दुबे को मानद उपाधि से विभूषित किया ।

राज्यपाल ने पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय को नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय का नाम देने पर प्रसन्नता व्यक्त की । उन्होंने कहा कि ग्रामोदय के प्रबल प्रणेता और सच्चे राष्ट्र भक्त पद्मभूषण नानाजी देशमुख के आदर्शों एवं समर्पित सेवा कार्यों के अनुरूप यह विश्वविद्यालय भी ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति सुधारने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा ।

राज्यपाल ने दीक्षांत उपाधि प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं से कहा कि पशु चिकित्सक के रूप में वे गाँव और कृषि प्रधान प्रदेश और देश को ऊपर उठाने का काम कर सकते हैं। राज्यपाल ने कहा कि यदि इस जिम्मेदारी एवं चुनौती का नैतिक और चारित्रिक दृढ़ता के साथ सामना करने में वे सफल हुए तो फिर प्रदेश और देश की तरक्की को कोई रोक नहीं सकेगा। राज्यपाल ने समारोह में दुग्ध उत्पादन, मत्स्य-पालन और पशु नस्लों में सुधार की विभिन्न योजनाओं के जरिये ग्रामीण अर्थ-व्यवस्था तथा ग्रामीण एवं कमजोर वर्ग के लोगों के जीवन-स्तर को सुधारने की जिम्मेदारी उठाने का आग्रह भी छात्र-छात्राओं से किया। उन्होंने वानस्पतिक औषधियों में ज्यादा से ज्यादा शोध कार्यों की जरूरत भी बताई। विश्वविद्यालय के शिक्षक, वैज्ञानिक और छात्र इस दायित्व से भलीभाँति परिचित भी हैं और निश्चित रूप से ऐसी योजनाओं पर विचार कर रहे होंगे, जिनका लक्ष्य सर्वजन हिताय होगा।

राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय ने तीन वर्ष में प्रदेश के पाँच प्रमुख केन्द्र में द्विवर्षीय पशुपालन पत्रोपाधि पाठ्यक्रम और इस वर्ष प्रदेश का पहला मत्स्य-पालन महाविद्यालय का शुभारंभ किया है। राज्यपाल ने वन्य-प्राणी स्वास्थ्य एवं फोरेंसिक केन्द्र‘ का सुचारू रूप से विस्तार करना एवं सुविकसित पशु जैव प्रौद्योगिकी केन्द्र के सुदृढ़ीकरण के कार्य के लिए भी विश्वविद्यालय की सराहना की।

विधानसभा अध्यक्ष ईश्वरदास रोहाणी ने छात्र-छात्राओं से व्यावहारिक जीवन में गाँव और गरीबों की सेवा को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। उन्होंने पशुपालन क्षेत्र को नई ऊँचाइयाँ दिलाने में पशुपालन मंत्री अजय विश्नोई की भूमिका की सराहना की।

पशुपालन मंत्री अजय विश्नोई ने पशुपालन के क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए किये जा रहे प्रयासों की जानकारी देते हुए कहा कि जो संभावनायें इस क्षेत्र में आज हैं उससे यह कहा जा सकता है कि इस विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं का भविष्य उज्जवल होगा और यह नई ऊँचाइयों को छुएगा।

दीक्षांत समारोह को विश्वविद्यालय द्वारा मानद उपाधि से विभूषित कुक्कुट व्यवसायी एवं समाजसेवी श्री विश्वनाथ दुबे ने भी संबोधित किया । इस मौके पर सिने कलाकार डॉ. नीतिश भारद्वाज का भी सम्मान किया गया। प्रारंभ में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गोविंद प्रसाद मिश्र ने स्वागत भाषण और विश्वविद्यालय का प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के संस्थापक स्नातक डॉ. आनंद मोहन श्रीवास्तव का अभिनंदन भी किया गया।

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