ग्रामीण पेयजल के लिए केन्द्रीय आवंटन में वृद्धि हो

भोपाल, अगस्त 2014/ लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री कुसुम महदेले ने केन्द्र सरकार से राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम में दिये जा रहे केन्द्रीय आवंटन में वृद्धि किये जाने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि केन्द्रांश एवं राज्यांश 50:50 से बढ़ाकर 75:25 की जाये। सुश्री महदेले नई दिल्ली में ग्रामीण स्वच्छता और पेयजल योजनाओं की राष्ट्रीय स्तर पर समीक्षा बैठक को संबोधित कर रही थी। बैठक की अध्यक्षता केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री नितिन गडकरी ने की।

सुश्री कुसुम महदेले ने कहा कि मध्यप्रदेश ”स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत” की प्रधानमंत्री की संकल्पना के प्रति कटिबद्ध है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दृष्टि-पत्र 2018 में अगले 5 वर्ष में ग्रामीण क्षेत्र में कम से कम 55 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन पेयजल उपलब्ध करवाने का लक्ष्य रखा है। घरेलू नल-जल कनेक्शनों में आगामी वर्षों में होने वाले अनुमान और केन्द्र से प्राप्त होने वाली राशि के अन्तर को स्पष्ट भी किया। कहा कि कार्यक्रम पर जहाँ 30,000 करोड़ रुपये व्यय होने का अनुमान है, वहाँ केन्द्र से मात्र 8,000 करोड़ ही उपलब्ध होने वाले हैं। अतः ऐसे में केन्द्र से मिलने वाली वित्तीय सहायता में वृद्धि किया जाना बहुत जरूरी है। केन्द्र से बाह्य वित्तीय संस्थाओं से प्रदेश की समूह जल-प्रदाय योजनाओं सम्बन्धी 25 हजार 570 करोड़ रूपये के दो विचाराधीन प्रस्तावों को भी शीघ्र स्वीकृति दिलाने का अनुरोध किया।

सुश्री महदेले ने नितिन गडकरी के नेतृत्व में ”स्वच्छ भारत” अभियान को स्वैच्छिक संगठनों के सहयोग से जन-आन्दोलन बनाने पर भी बल दिया। आशा व्यक्त की कि जन-जागरूकता के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र में जब हर घर में जल-प्रदाय सुविधा और शौचालय होगा, तब यह संकल्पना सत्य साबित होगी।

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