ग्रामीण विकास योजनाओं के अमल में विलंब पर जिम्मेदारी तय होगी

भोपाल, नवंबर 2012/ पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा सामाजिक न्याय मंत्री गोपाल भार्गव ने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को ताकीद की है कि मनरेगा सहित अन्य कार्यक्रमों में वर्षों से जारी अपूर्ण कार्यों को निर्धारित समयावधि में पूरा करें। उन्होंने कहा कि गरीब तथा वंचित तबकों की भलाई की योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। श्री भार्गव ने आज प्रशासन अकादमी में राज्य के ग्रामीण अंचलों में संचालित विकास कार्यक्रमों और लोक-कल्याणकारी कार्यों की प्रगति की जिलावार समीक्षा की। उन्होंने बैठक में भाग ले रहे मुख्य कार्यपालन अधिकारियों से रू-ब-रू हो विकास कार्यों के क्रियान्वयन में आ रही दिक्कतों की भी जानकारी ली।

श्री भार्गव ने कहा कि पंचायत तथा विकासखण्ड-स्तर पर निर्माण कार्यों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा हो तथा कार्यों को शीघ्र पूरा कर उपयोगिता प्रमाण-पत्र यथाशीघ्र जमा करवाये जायें। श्री भार्गव ने कहा कि विभागीय अमला अपने दायित्व का ठीक से निर्वहन करें और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता का सख्ती से पालन हो। श्री भार्गव ने उम्मीद जताई कि आगामी दो महीनें में ग्रामीण विकास की योजनाओं के निर्धारित लक्ष्यों को पूरा कर लिया जायेगा। उन्होंने विभागीय अमले से कहा कि किसी भी दबाव और प्रभाव के बिना दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने बैंकिंग संस्थाओं से अपेक्षा की कि वे वंचित तथा कमजोर तबकों की भलाई की योजनाओं के क्रियान्वयन में अनुकूल सहयोग देगी।

इससे पहले अपर मुख्य सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा विकास आयुक्त, श्रीमती अरुणा शर्मा ने विभागीय ऑडिट कार्यों की जिलावार समीक्षा की। उन्होंने बताया कि अब ग्राम-पंचायतों की ऑडिट व्यवस्था चाटर्ड अकाउंटेंट के माध्यम से सम्पन्न करवाने का काम शुरू किया गया है। सभी जिलों में शीघ्र ही ऑडिट एजेंसी नियुक्त हो जायेगी। यह ऑडीटर पंचायत के माध्यम से होने वाले सभी विकास कार्यों का ऑडिट करेंगे। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिये कि पूर्व वर्षों के निर्माण कार्यों के संबंध में विभिन्न विभाग तथा सरपंच के पास धनराशि बकाया है, उनसे वसूली की कार्यवाही हो। ऐसी राशि का हिसाब जमा नहीं करवाने वालों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करवाई जा सकेगी।

श्रीमती शर्मा ने कहा कि वे मैदानी निरीक्षण पर ध्यान दें और सप्ताह में तीन दिन ग्रामीण अंचलों का भ्रमण अवश्य करें। पुराने वर्षों के अपूर्ण कार्यों को पूरा करने और उनके मूल्यांकन के लिये सघन अभियान चलाया जाये। प्रशासनिक तथा तकनीकी अमले में समुचित तालमेल के साथ अभियान को पूरा करें। निर्माण कार्यों में गड़बड़ी और अनियमितताओं के मामले में दोष सिद्धि पर सीईओ से लेकर निचले स्तर तक जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने निर्देशित किया कि मनरेगा से कन्वर्जेंस के आधार पर हो रहे निर्माण कार्यों में ठेकेदार का उपयोग कदापि नहीं किया जाये। इसके साथ ही पूर्व में 10वें तथा 11वें वित्त आयोग और स्टाम्प ड्यूटी से मिली राशि का उपयोग अधोसंरचना विकास से जुड़े कार्यों में कर उपयोगिता प्रमाण-पत्र यथाशीघ्र भेजे जायेंगे। समग्र स्वच्छता अभियान में ग्रामीण अंचलों के घरों में शौचालय निर्माण के काम में तेजी लाई जाये।

आयुक्त, मनरेगा डॉ. रवीन्द्र पस्तोर ने एमआईएस व्यवस्था के सुचारु अमल पर जोर देते हुए निर्देशित किया कि योजना के अंतर्गत कार्यों का विवरण यथा-समय प्रेषित किया जाये। उन्होंने कहा कि लेबर बजट तैयार करने के लिये हर पंचायत पर तीन सदस्यीय दल पहुँचेगा। यह दल पटवारी खसरा-नक्शा सहित जरूरी दस्तावेजों के साथ गाँव में रोजगार कार्यों का आकलन करेगा। इसके साथ ही जॉब-कार्ड को अद्यतन करने की कार्यवाही भी की जायेगी। पिछले तीन साल में जिन लोगों ने जॉब-कार्ड के जरिये कोई रोजगार प्राप्त नहीं किया है अथवा जो गाँव छोड़ कर जा चुके हैं या जिन कार्ड-धारियों की मृत्यु हो चुकी है, उनके नाम ग्राम-सभा की सहमति से हटाये जायेंगे। इसके अलावा वयस्क हो चुके तथा गाँव में बसने वाले नये परिवारों के जॉब-कार्ड ग्राम-सभा की सहमति से बनाये जायेंगे। इस व्यवस्था से गाँव, पंचायत तथा जनपद पंचायत और जिला-स्तर पर लेबर बजट तैयार किया जायेगा और ग्रामीण अंचल में जरूरत के अनुसार मनरेगा के जरिये रोजगारमूलक कार्य सम्पन्न होंगे।

बैठक में महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना, मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास मिशन, बैंकिंग सुविधाओं से वंचित गाँव में वित्तीय समावेशन के अंतर्गत अल्ट्रा स्माल बैंकों की स्थापना के काम में तेजी लाने, ई-पंचायत व्यवस्था के क्रियान्वयन और पंचायत भवनों के निर्माण के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गयी। इस दौरान सामाजिक न्याय विभाग के माध्यम से ग्रामीण अंचलों में हितग्राहियों को समय पर पेंशन वितरण तथा समग्र योजना के माध्यम से हितग्राही मूलक योजनाओं में सहायता उपलब्ध करवाने के लिये किये जाने वाले ग्रामवार सर्वेक्षण के बारे में भी प्रकाश डाला गया।

राज्य-स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास मिशन श्रीमती अलका उपाध्याय, आयुक्त, पंचायत श्री विश्वमोहन उपाध्याय तथा आयुक्त, सामाजिक न्याय श्री व्ही.के. बाथम ने भी संबोधित किया और विभागीय कार्यों की प्रगति के बारे में चर्चा की।

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