छात्रों को नैतिक मूल्यों की शिक्षा देना आवश्यक

भोपाल, अगस्त  2014/ राज्यपाल रामनरेश यादव ने छात्र-छात्राओं को नैतिक मूल्यों पर आधारित शिक्षा देने की आवश्यकता बताई है। वे यहां भोज (मुक्त) विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। समारोह में उत्तराखंड के राज्यपाल अजीज कुरैशी, उच्च शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता, उच्च शिक्षा राज्य मंत्री दीपक जोशी और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय दिल्ली के प्रो. उत्तम पति उपस्थित थे।

राज्यपाल ने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं और छात्रों में कम होते नैतिक मूल्यों और व्यवहार को देखते हुए विश्वविद्यालयों में भारतीय संस्कृति, सभ्यता, नैतिक मूल्यों और सदाचार की शिक्षा देने की जरूरत है। शिक्षित होने का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को क्षमतावान बनाना तथा उनके सम्पूर्ण व्यक्तित्व का विकास करना है। यह तभी सम्भव है जब विद्यार्थी अपने देश के महापुरूषों और विद्वानों के बलिदान तथा व्यक्तित्व, कृतित्व से परिचित हों। राज्यपाल ने कहा कि देश की सेवा में सम्पूर्ण जीवन समर्पित करने वाले पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी को डी.लिट की उपाधि प्रदान करने से इस विश्वविद्यालय एवं प्रदेश का गौरव बढ़ा है। मुझे आशा है कि विद्यार्थी श्री अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन और व्यक्तित्व से प्रेरणा लेंगे और उनको अपना आदर्श बनायेंगे।

उत्तराखंड के राज्यपाल अजीज कुरैशी ने अपने उद्बोधन में कहा कि हर विद्यार्थी के जीवन का यह सुनहरा दिन होता है। वे समाज के पढ़े-लिखे लोगों में शामिल हो जाते हैं। आज हम उन लाखों-करोड़ो युवा को याद करें जो आज भी शिक्षा की सुविधा से वंचित हैं। उन्हें किताब और रोटी में से रोटी को चुनना पड़ता है। हमें यही लड़ाई लड़नी है कि हमारे देश और प्रदेश का कोई भी युवा शिक्षा से वंचित न रहने पाये। श्री कुरैशी ने श्री अटल बिहारी वाजपेयी को डी.लिट की उपाधि देने के निर्णय पर विश्वविद्यालय को साधुवाद दिया। उन्होंने कहा कि मैंने केन्द्र सरकार से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को भारत रत्न देने की माँग की है।

उच्च शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने कहा कि प्रत्येक छात्र की इच्छा होती है कि उसे उपाधि प्राप्त हो। आगे ऐसी व्यवस्था की जायेगी जिससे प्रत्येक छात्र को समय पर उपाधि प्राप्त हो और वर्षों से चली आ रही परम्परा बदले। नई व्यवस्थायें इस प्रकार की जायेंगी जिसमें भारतीय संस्कृति की झलक हो। संसाधनों के अभाव में कई विद्यार्थी शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में भोज (मुक्त) विश्वविद्यालय उनका मार्ग दर्शन करता है और भविष्य संवारने में विशेष भूमिका निभाता है। शिक्षा की गुणवत्ता में बहुत सुधार करने की आवश्यकता है। इसके लिए सभी बुद्धिजीवियों और शिक्षाविदों से मार्गदर्शन और सुझाव की आवश्यकता हैं। विश्वविद्यालयों के रिक्त पदों को शीघ्र भरा जायेगा।

राज्य मंत्री दीपक जोशी व कुलपति डॉ. तारिक जफर ने भी संबोधित किया। इससे पूर्व राज्यपाल ने विश्वविद्यालय परिसर में स्थापित राजाभोज की प्रतिमा का अनावरण किया।

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