छोटे उद्यमियों को भी मिलेंगी सुविधाएँ: मुख्यमंत्री

ग्‍वालियर, जनवरी 2013/ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में राज्य सरकार छोटे उद्योगों के लिए भी बड़े उद्योगों के समान सुविधाएँ देगी। वे ग्वालियर में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को प्रोत्साहन देने के मकसद से प्रदेश के पहले क्षेत्रीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में भी टाटा, बिरला एवं अंबानी जैसे उद्योगपति बन सकते हें। औद्योगिक निवेश को इस तरह प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे यहाँ भी बड़े-बड़े उद्योगपति उभरकर सामने आएँ। मध्यप्रदेश बीमारू श्रेणी से ऊपर उठकर औद्योगिक निवेश के लिहाज से देश में पाँचवें स्थान पर पहुँच गया है।

प्रदेश में निवेश को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इसी कड़ी में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने के लिये क्षेत्रीय सम्मेलनों की श्रृंखला शुरू की गई है। ग्वालियर में पहला सम्मेलन कर ग्वालियर-चंबल अंचल के लघु उद्यमियों को बुलाया गया है। युवा उद्यमियों को राज्य सरकार 25 लाख रुपए लागत तक के स्वरोजगार स्थापित करने पर शत-प्रतिशत ऋण गारंटी देगी। साथ ही रोजगार स्थापना के प्रारंभिक पाँच वर्ष तक पाँच प्रतिशत ब्याज अनुदान भी दिया जायेगा। इसी तरह 50 हजार रुपए लागत के लघु उद्योग पर 20 प्रतिशत मार्जिन मनी व ऋण गारंटी भी सरकार देगी।

प्रदेश में केवल विनिर्माण उद्योगों को नहीं अपितु सेवा एवं व्यवसाय क्षेत्र से जुड़े उद्योगों मसलन अस्पताल, शिक्षा, वेयरहाउसिंग आदि को भी विशेष बढ़ावा दिया जा रहा है। गाँव-गाँव तक उद्योगों की श्रृंखला बने, इसके लिये राज्य सरकार ने गाँवों को भी 24 घण्टे बिजली देने की क्रांतिकारी पहल की है। इस दिशा में फीडर सेपरेशन का काम युद्ध स्तर पर जारी है। कृषि को दिये गये प्रोत्साहन की बदौलत प्रदेश की कृषि विकास दर 18.91 प्रतिशत पहुँच गई है, जो देश में अग्रणी है। मध्यप्रदेश अब सकल उत्पादन एवं प्रति हेक्टेयर उत्पादकता में भी पूरे देश में पहले पायदान पर है। पहले मात्र 7 लाख हेक्टेयर रकबे में सिंचाई होती थी, जो पिछले साल बढ़कर 21 लाख हेक्टेयर हो गई है। इस साल सिंचाई का रकबा 24 लाख हेक्टेयर करने के प्रयास किये जा रहे हैं।

नए उद्योगों की स्थापना के लिए ग्वालियर-चंबल अंचल में नया इंडस्ट्रियल कॉरीडोर (नवीन औद्योगिक क्षेत्र) विकसित किया जा रहा है। इसके लिए अब तक 454 हेक्टेयर से अधिक जमीन तलाशी जा चुकी है। उन्होंने ग्वालियर जिले के मोहना, भिण्ड के अंतर्गत बरई, मुरैना के पिपरसेवा क्षेत्र, शिवपुरी के परीक्षा, गुना के सकतपुर, अशोकनगर के रावसर और श्योपुर के बगबाज में नवीन औद्योगिक क्षेत्र के लिये तलाशी गई जमीन का जिक्र किया।

104 के एमओयू हुए

एमएसएमई सम्मेलन में मुख्यमंत्री के समक्ष ग्वालियर एवं चंबल संभाग में पूंजी निवेश के लिये एमओयू भी हुए। सम्मेलन में कुल 104 एमओयू हुए, इन एमओयू में दोनों संभाग के सभी 8 जिलों में लगभग 167 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है। इन एमओयू के मूर्तरूप लेने पर 1852 स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा।

इस अवसर पर सांसद एवं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र, चिकित्सा शिक्षा मंत्री अनूप मिश्रा, स्थानीय सांसद श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया, महापौर श्रीमती समीक्षा गुप्ता, साडा अध्यक्ष जयसिंह कुशवाह, जीडीए अध्यक्ष रविन्द्र सिंह राजपूत व मेला प्राधिकरण के अध्यक्ष अनुराग बंसल, ट्रायफेक के प्रबंध संचालक अरूण भट्ट तथा संबंधित विभागों के अधिकारी एवं दोनों संभागों से आए 700 से अधिक उद्यमी मौजूद थे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here