छोटे व्यवसायियों को स-सम्मान अवसर प्रदान करें

भोपाल, नवंबर / मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा है कि छोटे काम-धंधे करने वाले व्यवसायियों को स-सम्मान व्यवसाय के अवसर उपलब्ध करवाये जाये। सभी नगरीय क्षेत्रों में चर्म शिल्पियों के लिये गुमटियों और सब्जी विक्रेताओं के लिये व्यवस्थित बाजार की व्यवस्था की जाये। श्री चौहान आज यहाँ नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की समीक्षा कर रहे थे।

बैठक में नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री बाबूलाल गौर, मुख्य सचिव आर.परशुराम और प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन एवं विकास एस.पी.एस.परिहार भी मौजूद थे।

बैठक में बताया गया कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय निर्माण श्रमिक आश्रय योजना में श्रमिक शेडों का निर्माण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इन शेडों में पेयजल की सुविधा भी उपलब्ध करवाने के निर्देश दिये। इस संबंध में नगरीय प्रशासन विभाग को श्रम विभाग के साथ समन्वय कर कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी बस स्टेण्डों को आदर्श रूप में विकसित और संचालित किया जाय। इस संबंध में कॉन्सेप्ट नोट तैयार कर प्रस्तुत करें।

मुख्यमंत्री ने स्वर्ण जयंती शहरी स्वरोजगार योजना, हाथठेला, रिक्शा चालक कल्याण योजना और शहरी घरेलू कामकाजी बहनों की कल्याण की योजना में शत-प्रतिशत उपलब्धि के लिये विभाग को बधाई दी।

बैठक में सैद्धांतिक सहमति व्यक्त की गयी कि नगरीय क्षेत्रों में पेयजल उपभोक्ता प्रभार आर्थिक स्थिति के आधार पर लगाया जाना चाहिये। यह भी निर्णय लिया गया कि बी.आर.टी.एस. के तहत 80 प्रतिशत वित्तीय दायित्वों की गारंटी राज्य सरकार लेगी।

बैठक में बताया गया कि शहरी घरेलू कामकाजी महिलाओं को कौशल उन्नयन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। योजना में लक्ष्य से अधिक महिलाओं को प्रशिक्षण दिया गया है। इसी प्रकार शहरों में नगर विक्रय समिति और जोनों का गठन कर लिया गया है। चिन्हित 70 हजार फेरी वालों में से 61 हजार को पहचान-पत्र प्रदाय कर दिये गये हैं। मुख्यमंत्री पेयजल कार्यक्रम में प्रदेश के 37 नगर में 601 करोड़ 44 लाख रूपये की योजनाएँ स्वीकृत की गयी हैं।

श्री चौहान द्वारा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुर्नवास विभाग की समीक्षा भी की गयी। समीक्षा में बताया गया कि गैस पीड़ितों के लिये सुरम्य योजना बनाई गयी है। इस योजना में 40 करोड़ रूपये के व्यय से 896 मकान बनाये जायेंगे। यह योजना करीब 14 एकड़ क्षेत्र में बनेगी। इसी प्रकार स्वावलंबन योजना में 2153 हितग्राहियों को प्रशिक्षण देकर रोजगार उपलब्ध करवाया गया है। योजना के जरिये 3400 हितग्राही को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

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