जमीन विकसित कर निवेशकों को दें

भोपाल, नवंबर 2012/ मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये हैं कि उद्योग स्थापना के लिए जहाँ भूमि उपलब्ध है वहाँ शीघ्र अधोसरंचना विकसित कर उद्योग स्थापित किये जाये। औद्योगिक क्षेत्र के रिक्त भू-खण्ड तथा वर्षों से आवंटन के बाद भी उपयोग में नहीं लिये गये भू-खण्डों का अंतिम निराकरण किया जाय। वर्षों से बंद पड़ी इकाइयों की जमीन पुनआर्वंटित करने के बारे में भी फैसला लिया जाय।

श्री चौहान यहाँ वाणिज्य, उद्योग और रोजगार विभाग की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में वाणिज्य, उद्योग और रोजगार मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और मुख्य सचिव आर. परशुराम भी मौजूद थे। बैठक में बताया गया कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट इंदौर में हुए एमओयू में से 51 प्रतिशत प्रकरण में निवेशकों को भू-खण्डों का आवंटन हो गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं की उद्यमिता को बढ़ावा दिया जाये। ग्रामीण अंचल में उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिये यह सुनिश्चित किया जाये कि ग्रामीण उद्योगों को विद्युत की 24 घंटे आपूर्ति हो। उन्होंने गुना, शिवपुरी, ग्वालियर और मुरैना इण्डस्ट्रियल कॉरीडोर के लिये राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-3 के दोनो तरफ 50 किलोमीटर की परिधि में शासकीय भूमि चिन्हित करने के निर्देश दिये।

बैठक में तय किया गया कि इंदौर में जेम्स एन्ड ज्वेलरी पार्क की अधोसंरचना विकास का कार्य सड़क विकास निगम करेगा। पीथमपुर शासकीय कॉलेज के लिये भूमि का वंटन टोकन राशि पर किया जायेगा। इस अवसर पर बताया गया कि पूर्व वर्षों में उद्योगों को आवंटित अनुपयोगी भूमि को वापस लेने की कार्रवाई विभाग द्वारा की जा रही है। अभी तक की कार्रवाई में 1386 आवंटन निरस्त कर भूमि दूसरे उद्योगों को उपलब्ध करवाई गई है। निवेशकों को आकर्षित करने के लिये इन्वेस्टर्स सर्विस गारंटी स्कीम लागू की जा रही है। छोटे निवेशकों के सम्मेलन संभाग स्तर पर किये जायेंगे। सम्मेलनों का आयोजन जनवरी, फरवरी, मार्च माह में ग्वालियर, जबलपुर, सतना, भोपाल, खजुराहो और मंदसौर में होगा।

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