दीपावली पर पूरा प्रदेश रहा रोशन

भोपाल, नवंबर 2012/ एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी एवं बिजली क्षेत्र की सभी कंपनियों ने कुशल प्रबंधन और अथक परिश्रम से दीपावली की रात्रि को पूरे प्रदेश को भरपूर बिजली से रोशन कर दिया। मध्यप्रदेश के 57 वर्ष के इतिहास में दीपावली पर्व पर 9089 मेगावाट बिजली की आपूर्ति कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया गया। दीपावली पर्व के दिन प्रदेश के इतिहास में सर्वाधिक 1755.57 लाख यूनिट बिजली की आपूर्ति कर एक नया कीर्तिमान स्थापित हुआ। इसके पूर्व धनतेरस के दिन 11 नवम्बर को प्रदेश में 1694.78 लाख यूनिट बिजली की आपूर्ति की गई थी।

उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व दीपावली पर्व पर वर्ष 2010 में 5 नवंबर की रात्रि में 7786 मेगावाट, वर्ष 2011 में 26 अक्टूबर को रात्रि में 7925 मेगावाट की शीर्षस्थ बिजली मांग की आपूर्ति की गई थी। इस वर्ष 11 नवंबर-धन तेरस को 9412 मेगावाट और 12 नवंबर नरक-चौदस को 9484 मेगावाट बिजली की आपूर्ति की गई, जो प्रदेश के इतिहास में अभी तक की सर्वाधिक बिजली आपूर्ति थी।

दीपावली के दिन पूरे प्रदेश में शाम 6 बजे से रात्रि तक किसी भी हिस्से में कटौती नहीं हुई और निर्बाध बिजली की आपूर्ति की गई। स्टेट लोड डिस्पेच सेंटर एवं एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी, पावर जनरेटिंग कंपनी, पावर ट्रांसमिशन कंपनी और पूर्व, मध्य और पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के बेहतर समन्वय से प्रदेश में बिजली की मांग की आपूर्ति की गई।

दीपावली पर प्रदेश को रोशन करने के लिए ऊर्जा मंत्री राजेन्द्र शुक्ला, ऊर्जा सचिव मोहम्मद सुलेमान और एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी के प्रबंध संचालक मनु श्रीवास्तव तथा सभी कंपनियों के एमडी ने प्रदेश के विद्युत क्षेत्र से संबद्ध समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई दी है।

श्री मनु श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि 9089 मेगावाट विद्युत आपूर्ति करने में मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के ताप विद्युत गृहों से 2128 मेगावाट, जल विद्युत गृहों से 783 मेगावाट, राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम सेंट्रल सेक्टर से 2440 मेगावाट, इंदिरा सागर जल विद्युत गृह से पूर्ण क्षमता से 982 मेगावाट, वहीं ओंकारेष्वर जल विद्युत गृह से 381 मेगावाट तथा सरदार सरोवर जल विद्युत गृह से 40 मेगावाट बिजली का योगदान रहा। दामोदर वैली कार्पोरेशन से 390 मेगावाट, जेपी बीना से 161 मेगावाट, टोरेंट कंपनी से 32 मेगावाट विद्युत की आपूर्ति प्रदेश को की गई। वर्षा ऋतु के दौरान आधिक्य विद्युत की बैंकिंग की वापसी से लगभग 1000 मेगावाट बिजली प्रदेश को प्राप्त हुई।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here