दुष्कृत्य की सजा फांसी ही हो: शिवराज

भोपाल, दिसंबर 2012/ मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि महिलाओं-बेटियों के विरूद्ध बलात्कार जैसे जघन्य अपराधों में मृत्यु दण्ड का प्रावधान होना चाहिये। यह हत्या से भी बड़ा अपराध है। कानून में अपेक्षित संशोधन के लिये संसद का विशेष सत्र बुलाया जाय।

श्री चौहान यहाँ मुख्यमंत्री निवास पर उन्हें ज्ञापन देने आये भोपाल नगर के युवा, विद्यार्थी तथा पालकों से चर्चा कर रहे थे। श्री चौहान ने बताया कि उन्होंने दुष्कृत्य, छेड़खानी की घटनाओं की प्रभावी रोकथाम सुनिश्चित करने के लिये आज अधिकारियों की उच्च-स्तरीय बैठक बुलायी थी। अपराधियों के विरूद्ध कार्रवाई के लिये बैठक में कड़े फैसले लिये गये हैं। इन फैसलों में छेड़खानी तथा दुष्कृत्य करने वालों को शासकीय नौकरी से वंचित करने, प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के लिये हर जिले में फास्ट ट्रेक कोर्ट बनाने जैसे निर्णय शामिल हैं। उन्होंने कहा कि कड़ी सजा का प्रावधान करने के लिये राज्य द्वारा भी आवश्यक कानून बनाये जायेंगे। ऐसे प्रकरणों की पुलिस विवेचना में तेजी तथा 24 घंटे के भीतर अनिवार्य से चिकित्सकीय प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के नियम बनाये जायेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरों में जगह-जगह सी.सी.टी.व्ही. कैमरे लगाये जा रहे हैं। प्रकरणों में की गयी कार्रवाई की वे स्वयं भी साप्ताहिक समीक्षा करेंगे। श्री चौहान ने कहा कि ऐसी घटनाएँ मन को व्यथित और विचलित कर देती हैं। ऐसे मामलों में पूरे समाज को भी जागरूक होना होगा। बेटा-बेटी के बीच भेदभाव से दूर रहकर बेटियों को सशक्त और स्वावलम्बी बनाने में आगे आना होगा। श्री चौहान ने पूरे प्रदेश में बेटियों को आत्म-रक्षा का प्रशिक्षण देने के लिये मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग दिये जाने की भी जानकारी दी। उन्होंने ज्ञापन सौंपने आयी बेटियों की माँग पर शहरों के भीड़ भरे इलाकों तथा सार्वजनिक स्थलों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था करने के लिये निर्देश दिये। उन्होंने केवल बेटियों वाले अभिभावकों को पेंशन दिये जाने के निर्णय की भी जानकारी दी।

श्री चौहान ने वाहनों से काली फिल्म हटाने, वाहन चालकों को अपनी नेम प्लेट लगाने तथा ड्रेस पहनने की अनिवार्यता के निर्णय की जानकारी भी ज्ञापन सौंपने आये युवाओं को दी। ज्ञापन सौंपने आये युवाओं तथा अभिभावकों ने भी अपराधों की रोकथाम के सुझाव दिये।

मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता

दिल्ली की घटना के परिप्रेक्ष्य में भोपाल के लोग जब ज्ञापन देने आए उस समय मुख्‍यमंत्री उच्‍चस्‍तरीय बैठक ले रहे थे। युवा प्रवेश द्वार पर ज्ञापन सौंपकर जाने लगे। जैसे ही श्री चौहान को इसकी जानकारी लगी वे बैठक छोड़कर युवाओं से मिलने पहुँच गये। वापस जा रहे युवाओं को बुलाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं तथा प्रदेश सरकार ऐसी घटनाओं पर अत्यंत कठोर कार्रवाई के पक्ष में हैं। यहाँ तक कि ऐसी वीभत्स घटनाओं में मृत्यु दण्ड ही मिलना चाहिये।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here