देश से दोगुना मछली उत्‍पादन हमारे प्रदेश में

भोपाल, नवंबर 2012/ प्रदेश की मत्स्य उत्पादकता राष्ट्रीय उत्पादकता से दो गुना है। यहाँ मत्स्य उत्पादकता प्रति हैक्टेयर 25 किलो है जबकि राष्ट्रीय उत्पादकता मात्र साढ़े बारह किलो। यह जानकारी यहाँ मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान द्वारा की गयी मछुआ कल्याण तथा मत्स्य-विकास विभाग की समीक्षा बैठक में दी गयी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मत्स्य महासंघ के लाभांश वितरण का फार्मूला तैयार किया जाए। इसमें लाभांश का एक हिस्सा मत्स्य-उत्पादकता में वृद्धि के प्रयासों के लिए उपलब्ध हो और शेष राशि मछुआरों में वितरित की जाए। उन्होंने प्रदेश में ऐसे क्षेत्रों, जहाँ मछली नियमित विक्रय के लिए उपलब्ध होती है, को चिन्हित करने को कहा। स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार विक्रय के शेड विकसित किए जाएँ। मुख्यमंत्री ने मत्स्य-उत्पाद की विपणन व्यवस्थाओं को भी व्यापकता देने के निर्देश दिये। श्री विश्नोई ने मत्स्योत्पादन के शासकीय और अशासकीय उत्पादन की तुलना कर विकास की रणनीति बनाने की जरूरत बताई।

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में पंजीकृत मछुआ सहकारी समितियों से फर्जी एवं अक्रियाशील सदस्यों के निष्कासन की कार्रवाई की जा रही है। अभी तक 29 समिति के 707 फर्जी अक्रियाशील सदस्य का निष्कासन किया जा चुका है। बैठक में बताया गया कि मत्स्य महासंघ द्वारा मछुआरों को 87 लाख का पारिश्रमिक भुगतान किया गया है। यह गत वर्ष की तुलना में 28 प्रतिशत अधिक है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here