धान का उपार्जन शुरू, किसानों को सौ रुपये प्रति क्विंटल बोनस

भोपाल, नवंबर 2012/ मध्यप्रदेश में गेहूँ की रिकार्ड खरीदी के बाद पहले मोटा अनाज और अब एक नवम्बर से धान की खरीदी शुरू हो गई है। चालू खरीफ विपणन वर्ष में समर्थन मूल्य योजना में मोटा अनाज एवं धान का उपार्जन का कार्य अगामी 31 जनवरी तक चलेगा।

खाद्य, नागरिक आपूर्ति मंत्री पारस जैन ने किसानों से अपील की है कि वे अपने क्रम के अनुसार अच्छी गुणवत्ता की सूखी उपज लेकर खरीदी केन्द्र पहुँचे। उन्होंने कहा कि समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी के साथ ही 100 रुपये का बोनस भी दिया जायेगा। अतः उत्पादित फसल का विक्रय कर किसान शासन की योजना का लाभ अवश्य उठायें। श्री जैन के अनुसार विगत 15 अक्टूबर से मोटे अनाज (ज्वार, मक्का, बाजरा) की खरीदी शुरू हो चुकी है। अब तक 1201.9 मीट्रिक टन मोटा अनाज खरीदा जा चुका है। इसी तरह एक नवम्बर से अब तक 201 मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने चालू खरीफ विपणन वर्ष में 20 लाख मीट्रिक टन धान तथा 30 हजार मीट्रिक टन मोटे अनाज के उपार्जन का लक्ष्य रखा है।

श्री पारस जैन के अनुसार धान व मोटे अनाज के उपार्जन के लिए राज्य सरकार ने बारदानों, भण्डारण, परिवहन और किसानों को राशि के भुगतान की पर्याप्त व्यवस्था कर रखी है। मोटे अनाज का नागरिक आपूर्ति निगम और धान का उपार्जन निगम और राज्य विपणन संघ द्वारा किया जा रहा है। खरीदी के लिए 961 उपार्जन केन्द्र उपार्जन वाले जिलों में बनाये गए हैं। इनमें रीवा, शहडोल, जबलपुर संभाग में बालाघाट और जबलपुर जिलों को छोड़कर नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा खरीदी की जायेगी। होशंगाबाद, ग्वालियर, सागर, भोपाल संभाग एवं बालाघाट और जबलपुर जिलों में विपणन संघ द्वारा खरीदी की जायेगी। उन्होंने बताया कि उपार्जित उपज के भण्डारण के लिए 81 हजार बारदानों की गठानों की व्यवस्था की गई है। उपार्जन कार्य में किसानों को भुगतान के लिए लगभग 4,700 करोड़ की पर्याप्त राशि भी रखी गई है।

राज्य शासन ने समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की समस्त तैयारियाँ पूरी करते हुए जिलों को आवश्यक निर्देश भी जारी किये गये हैं। इनके अनुसार ही सारी कार्यवाही निर्धारित समय-सीमा में करने को कहा गया है। राज्य शासन द्वारा उपार्जित धान पर समर्थन मूल्य घोषित कर उस पर सौ रुपये का बोनस भी घोषित किया गया है। धान कॉमन (एफ.ए.क्यू.) का समर्थन मूल्य प्रति क्विंटल 1250 रुपये, बोनस 100 रुपये तथा कुल मूल्य 1350 रुपये रखा गया है। इसी तरह धान ग्रेड-ए (एफ.ए.क्यू.) का समर्थन मूल्य प्रति क्विंटल 1280 रुपये निर्धारित है। बोनस राशि 100 रुपये को मिलाकर इसका कुल मूल्य 1380 रुपये प्रति क्विंटल है।

शासन ने जिलों के खरीदी केन्द्रों पर धान खरीदी के समय उसकी गुणवत्ता के संबंध में विशेष ध्यान देने को कहा है। जिन बातों का मुख्यतः ध्यान रखा जायेगा, उनमें स्कंध का रंग, आकृति एवं प्राकृतिक सूरत, किसी भी स्थिति में नमी 17 प्रतिशत से अधिक न हो, अधिक नमी होने पर किसानों को उसे सुखाकर विक्रय के लिये लाने की सलाह देने तथा निर्धारित वर्गीकरण में आने के लिए धान को साफ करके लाने की समझाइश किसानों को देना शामिल है।

धान का परीक्षण कलेक्टर द्वारा नियुक्त एजेंट सहकारी समिति द्वारा किया जायेगा। इसके लिये कर्मचारियों को उपार्जन वाले जिलों में प्रशिक्षण भी दिया गया है। मण्डी एवं खरीदी केन्द्र पर प्रतिदिन निर्धारित मापदण्डों से कम गुणवत्ता का धान होने के कारण अमान्य किये गये धान की जानकारी पंजी में रहेगी। धान खरीदी की समस्त प्रक्रिया का संबंधित जिलों में व्यापक प्रचार-प्रसार भी करने को कहा गया है।

धान उपार्जन

  • 961 उपार्जन केन्द्र।
  • 81 हजार बारदानों की गठाने।
  • 4,700 करोड़ की व्यवस्था।
  • प्रति क्विंटल 100 रुपये बोनस।
  • अनुमानित लक्ष्य 20 लाख मीट्रिक टन।
  • मोटे अनाज का अनुमानित लक्ष्य 30 हजार मीट्रिक टन।
  • बारदानों, भण्डारण, परिवहन, भुगतान की माकूल व्यवस्था।
  • 31 जनवरी तक होगा उपार्जन।

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