नई प्रगतिशील नीतियों से खुलेंगे विकास के द्वार

भोपाल, अक्टूबर 2014/ ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में आज उदघाटन सत्र में मुख्य सचिव श्री अंटोनी डिसा ने प्रदेश में विकास के विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति पर प्रस्तुतीकरण दिया। श्री डिसा ने प्रदेश की प्रगति का विस्तृत ब्यौरा देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश नई उद्योग संवर्धन नीति के साथ-साथ पर्यटन, कौशल विकास, नवकरणीय ऊर्जा, बीपीओ और बीपीएम, भण्डारण और रक्षा उत्पाद के संबंध में एक साथ नई प्रगतिशील नीतियाँ तैयार करने वाला देश का एकमात्र प्रदेश है। इन नीतियों के क्रियान्वयन से मध्यप्रदेश में विकास के नये द्वार खुलेंगे।

मुख्य सचिव ने बताया कि प्रदेश में जहाँ विकास दर और कृषि दर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है वहीं विद्युत के क्षेत्र में आत्म-निर्भरता और अच्छी सड़कों का जाल बिछाये जाने से उद्योगों के विकास और जरूरतमंद लोगों को रोजगार दिलवाने का कार्य बहुत आसान हो गया है। प्रदेश में विद्युत उत्पादन क्षमता में 14 हजार मेगावॉट की वृद्धि में 65 प्रतिशत पारम्परिक विद्युत उत्पादन के साथ ही 35 प्रतिशत नवकरणीय ऊर्जा के माध्यम से उत्पादन में वृद्धि हुई है। अगले 12 से 24 माह के मध्य नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में 5,500 मेगावॉट विद्युत उत्पादन प्रारंभ होगा। प्रदेश में डेढ़ लाख किलोमीटर श्रेष्ठ सड़कों में 5,000 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग, 10 हजार किलोमीटर प्रांतीय राजमार्ग और 20 हजार किलोमीटर में मुख्य जिला मार्ग हैं। इसके अलावा ग्रामीण सड़कों का निर्माण भी हुआ है। भूमि की उपलब्धता और वैज्ञानिक भण्डारण की सुविधाएँ तेजी से बढ़ी हैं। मुख्य फसलों के अलावा उद्यानिकी और जैविक खेती में प्रदेश ने रकबा बढ़ाया है। उद्योगों को पर्याप्त पानी उपलब्ध करवाया जा रहा है। मध्यप्रदेश को लगातार 2 बार कृषि कर्मण अवार्ड भी प्राप्त हुआ है।

मुख्य सचिव ने कहा कि उद्योगों के विकास के लिये सरकार की प्रतिबद्धता मुख्यमंत्री श्री चौहान के नेतृत्व में निवेशकों को विभिन्न रियायतों के साथ ही सिंगल विण्डो की व्यवस्था को वास्तविक अर्थ में लागू करने की मंशा से युवाओं को बढ़ी संख्या में रोजगार के अवसर मिलेंगे।

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