नर्मदा-क्षिप्रा लिंक योजना के बहाने वाजपेयी को याद किया

उज्‍जैन, नवंबर 2012/ पूर्व उप प्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी ने कहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की नदियों को जोड़ने की परियोजना अगर उनके छह वर्ष के कार्यकाल में लागू हो जाती तो देश का कायाकल्प हो जाता। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने श्री वाजपेयी जी के सपने को पूरा करते हुए नर्मदा को क्षिप्रा से जोड़ने की योजना प्रारंभ की है। यह मालवा को पुनः जल क्षेत्र से परिपूर्ण होने का गौरव लौटाएगी। परियोजना से मालवा क्षेत्र में पानी की चिंता दूर हो जायेगी।

श्री आडवाणी क्षिप्रा के उद्गम-स्थल इन्दौर जिले के ग्राम उज्जैयनी में नर्मदा-क्षिप्रा सिंहस्थ लिंक परियोजना की आधारशिला रखने के बाद उज्जैन में विशाल जनसभा को संबोधित कर रहे थे। हिन्दू तिथि के अनुसार आडवाणी का गुरुवार को जन्म दिन भी था। वे नर्मदा सिंहस्थ लिंक परियोजना को क्रियान्वित करने के श्री चौहान के व्यावहारिक प्रयासों और संकल्प से अभिभूत थे। उन्होंने कहा कि श्री चौहान ने जैसी योजनाएँ बनाई हैं उनसे पूरे प्रदेश को पुण्य ही पुण्य मिलेगा। अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री भी ऐसा करें तो देश से अशिक्षा और गरीबी दूर हो जायेगी।

श्री आडवाणी ने श्री चौहान की प्रशासनिक क्षमता और मौलिकता के साथ नई योजनाओं के क्रियान्वयन की सराहना करते हुए निर्णय करने की क्षमता की प्रशंसा की। श्री वाजपेयी के छह वर्षीय कार्यकाल की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार बनते ही परमाणु परीक्षण किया गया। इससे देश को प्रतिबंधों का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद महँगाई नहीं बढ़ने दी। पूरब से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण तक सड़कें बनीं। गाँव-गाँव प्रधान मंत्री सड़क योजना से जोड़े गये। इसी कार्यकाल में नदियों को जोड़ने की योजना भी बनाई गई थी। नर्मदा-क्षिप्रा लिंक परियोजना से नर्मदा से क्षिप्रा, चंबल, गंगा, यमुना के मिलन का चमत्कारी प्रबंध होगा। किसानों को पानी की कोई कमी नहीं रहेगी।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि नर्मदा-क्षिप्रा नदी जोड़ो परियोजना मालवा के जीवन से जुड़ी है। मालवा के लिये पैसों की कमी नहीं होने दी जाएगी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना में 18 हजार करोड़ तो क्या एक लाख करोड़ भी लगे तो मालवा में नर्मदा का जल लाएँगे और यहाँ की उर्वरा भूमि को सूखने नहीं देंगे। खान नदी को भी डायवर्ट किया जायेगा और उसके पानी को उपचार के बाद ही प्रयोग में लाया जाएगा। क्षिप्रा को प्रदूषण से बचाने का काम भी शुरू किया जायेगा।

इस परियोजना से मालवा के 70 शहर और तीन हजार गाँव के साथ ही उद्योगों को पानी मिलेगा और खेतों में सिंचाई होगी। नदियों को जोड़ने के बाद बैराज बनेंगे। स्प्रिंकलर लगेंगे। मालवा की उर्वरा भूमि को मरु भूमि नहीं बनने दिया जायेगा। मालवा की भूमि, पीला सोना यानी सोयाबीन उगाती है, गेहूँ उगाती है, अंगूर उगाती है, इसे हरा-भरा बनाने के हरसंभव कदम उठाये जाएँगे। यहाँ के किसानों को सिंचाई के तौर-तरीके सीखने के लिये इजराइल भेजा जायेगा।

श्री चौहान ने कहा कि पिछले साल की तरह इस साल भी किसानों को 100 रुपये क्विंटल बोनस पर गेहूँ की खरीदी होगी। उन्होंने केन्द्र से गेहूँ उपार्जन पर न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाकर 1600 रुपये प्रति क्विंटल करने की माँग की। मुख्‍यमंत्री ने बताया कि फीडर विभाजन का काम पूरा हो रहा है। किसानों को अगले साल मार्च तक चौबीसों घंटे बिजली मिलने लगेगी। सरदार वल्लभ भाई पटेल निःशुल्क दवा वितरण, मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन, उच्च शिक्षा ऋण गारंटी योजना की चर्चा करते हुए कहा कि राज्य में हर वर्ग के कल्याण के लिये योजनाएँ बनाई हैं। लोगों के कल्याण और प्रदेश के विकास के लिये बेहतर से बेहतर प्रयास किये जा रहे हैं। मध्यप्रदेश अब किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं है। प्रदेश में मदिरा की नई दुकान नहीं खोली जाएँगी। हर नागरिक को अपना कर्त्तव्य पूरा करना होगा। अगले पाँच साल में मध्यप्रदेश देश का पहले नम्बर का राज्य बनेगा।

कार्यक्रम को नगरीय प्रशासन और विकास मंत्री बाबूलाल गौर, सांसद नरेन्द्र सिंह तोमर, थावर चंद गहलोत, प्रदेश भाजपा अध्‍यक्ष प्रभात झा, नर्मदा घाटी विकास राज्य मंत्री के.एल. अग्रवाल, सत्यनारायण सत्तन, पूर्व केन्द्रीय मंत्री सत्यनारायण जटिया और सांसद श्रीमती सुमित्रा महाजन ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री द्वय सुंदरलाल पटवा और कैलाश जोशी,  उद्योग-वाणिज्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, खाद्य मंत्री पारस जैन, कृषि मंत्री डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया, परिवहन मंत्री जगदीश देवड़ा, बाबूलाल जैन, लक्ष्मी नारायण पांडे, क्षेत्रीय विधायक एवं बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

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