नवकरणीय ऊर्जा में अव्‍वल होगा मध्यप्रदेश

नवकरणीय ऊर्जा में अव्‍वल होगा मध्यप्रदेश

भोपाल, नवंबर 2012/ मध्यप्रदेश अगले दो वर्ष में सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, लघु जल और बायोमास ऊर्जा उत्पादन में राज्यों में सबसे आगे होगा। प्रदेश में तेजी से नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में नई परियोजनाएँ स्थापित हो रही हैं। यह जानकारी आज यहाँ मंत्रालय में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग की समीक्षा में दी गई। मुख्यमंत्री ने विभाग की कार्य-योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की।

श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश को ऊर्जा समृद्ध बनाने के लिए नवकरणीय ऊर्जा को बड़े पैमाने पर प्रोत्साहित करना जरूरी है। उन्होंने शासकीय भवनों में सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के निर्देश दिये। उन्होंने बड़े शहरों के चुने हुए मार्गों पर सोलर स्ट्रीट लाइट स्थापित करने के कार्य में तेजी लाने को कहा। श्री चौहान ने प्रत्येक विकासखण्ड में अक्षय ऊर्जा शॉप स्थापित करने के निर्देश देते हुए कहा कि इससे सौर ऊर्जा के उपयोग में आम लोगों की भागीदारी होगी।

बैठक में बताया गया कि अगले साल के अंत तक सौर ऊर्जा उत्पादन 650 मेगावाट तक पहुँच जाएगा। नीचम, मंदसौर, श्योपुरकला, रीवा और राजगढ़ में सौर ऊर्जा पार्क स्थापित किये जा रहे हैं। पवन ऊर्जा में स्थापित क्षमता अगले साल बढ़कर 800 मेगावाट हो जायेगी। लघु जल विद्युत ऊर्जा क्षेत्र में स्थापित क्षमता 86 मेगावॉट से बढ़कर 161 मेगावाट हो जाएगी।

वर्तमान में 681 पुलिस थाने, 100 स्वास्थ्य केन्द्र, 126 जेल, 200 जनपद पंचायत में सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किये जा रहे हैं। अगले साल मार्च तक 8500 सोलर स्ट्रीट लाइट स्थापित हो जाएगी। पाँच बड़े शहर भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन में सोलर लाइट लगाने की योजना पर कार्य चल रहा है। बैठक में नवकरणीय ऊर्जा मंत्री अजय विश्नोई, मुख्य सचिव आर. परशुराम और सचिव एस.आर. मोहन्ती एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

विद्युत व्यवस्था के लिये विभाग की व्यापक सराहना

मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने त्यौहारों के मौके पर प्रदेशवासियों को और खेती-बाड़ी के लिये किसानों को अपेक्षा के अनुरूप बिजली उपलब्ध करवाने पर ऊर्जा विभाग की सराहना की है। वर्ष 2013 से प्रदेश में 24 घंटे बिजली दी जायेगी। उन्होंने आगामी दस-पन्द्रह वर्षों की आवश्यकता का आंकलन कर विद्युत प्रदाय की दीर्घकालिक योजना बनाने को कहा। श्री  चौहान यहाँ विद्युत विभाग की समीक्षा कर रहे थे। ऊर्जा मंत्री राजेन्द्र शुक्ला, मुख्य सचिव आर. परशुराम, ऊर्जा सचिव मो. सुलेमान भी बैठक में उपस्थित थे।

 

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