नारी सम्मान की रक्षा में उठे लाखों हाथ

भोपाल, जनवरी 2013/ मध्यप्रदेश के सभी जिलों में लाखों की संख्या में समाज के सभी वर्गों के लोगों ने केण्डल मार्च निकाल कर नारी सम्मान की रक्षा का संकल्प दोहराया। मुख्यमंत्री ने राजधानी भोपाल में केण्डल मार्च का नेतृत्व किया और नारी सम्मान रक्षा अभियान की शुरूआत की। यह मार्च स्थानीय मोतीलाल नेहरू स्टेडियम से शुरू होकर तात्या टोपे स्टेडियम तक निकाला गया। इसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुये। नारी सम्मान की रक्षा संबंधी जागरूकता के लिये आज भोपाल सहित प्रदेश के सभी 50 जिला मुख्यालय और 313 विकासखण्ड मुख्यालय पर केण्डल मार्च आयोजित हुए। अनेक जिला मुख्यालय पर केण्डल मार्च का नेतृत्व राज्य मंत्रि-परिषद् के सदस्यों ने किया।

श्री चौहान ने नागरिकों को महिलाओं के अधिकारों की रक्षा में तत्पर रहने की शपथ दिलायी। उन्होंने माताओं, बेटियों के विरूद्ध अपराध एवं हिंसा की रोकथाम के प्रति जागरूक रहने और जागरूकता बढ़ाने का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नारी का अपमान नहीं होने देंगे। नारी सम्मान की रक्षा करने वालों को एक लाख रूपये नगद पुरस्कार दिया जायेगा।

श्री चौहान ने कहा कि भारत पावन भूमि पर सदियों से शक्ति की आराधना और नारी आदर करने की परंपरा रही है। इसी देश में नारी का असम्मान चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि पुरातन समाज में नारी को स्वतंत्रता थी। उन्हें पुरूषों के समान अधिकार थेे और बराबरी का दर्जा मिला था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि माताओं – बेटियों के प्रति अन्याय किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जायेगा। नारी का अपमान करने वालों और उनके विरूद्ध दुष्कृत करने वालों का डेटाबेस बनाया जायेगा। ऐसे अपचारी का लायसेंस, पासपोर्ट, बीजा निरस्त कर दिया जायेगा। सरकारी नौकरियों और सरकारी सुविधाओं से भी वंचित कर दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की ओर से जस्टिस जे.एस.वर्मा समिति को सुझाव दिया गया है कि बालात्कार जैसा जघन्य कृत्य करने वालों को फांसी की सजा दी जाये। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ऐसे प्रकरणों में दोषियों को अधिकतम सजा दिलवाने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति राष्ट्र की प्रगति में सर्वश्रेष्ठ योगदान दे सकती है। वे लक्ष्मी, दुर्गा, सरस्वती, पार्वती का रूप है। समाज को भी महिलाओं, बेटियों के प्रति अपना नजरिया बदलने जरूरत है। उन्हें भी पूरी गरिमा के साथ जीवन जीने का अधिकार है। श्री चौहान ने लोगों का आव्हान किया कि महिलाओं का असम्मान करने वालों का सामाजिक बहिष्कार करें और समाज में यह संदेश भी दें कि बेटियाँ कमजोर नहीं।

श्री चौहान ने आव्हान किया कि मातृभूमि के लिये अपना सबकुछ न्यौछावर करने के लिये हमेशा तैयार रहें। हाल ही में सेना कि जवानों पर हुये कायराना हमले की चर्चा करते हुये कहा कि प्रदेश के साढ़े सात करोड़ नागरिक शहीदों के परिवार के साथ हैं। उन्होंने शहीदों को श्रद्धांजलि दी। श्री चौहान ने कहा कि आज मध्यप्रदेश नारी के सम्मान में उठ खड़ा हुआ है। विकृत सोच वालों को यह केण्डल मार्च और यहाँ ली गयी शपथ चेतावनी है। उन्होंने दुष्कृत करने वालों को राक्षस-पिसाच कहा और पशु प्रवृत्ति रोकने के लिये ऐसे अभियान की जरूरत बतायी।

केण्डल मार्च में हजारों की संख्या में मार्च में विभिन्न वर्गों के लोग, शालेय और महाविद्यालयों के विद्यार्थी, गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधियों ने भी केण्डल मार्च में शामिल होकर नारी सम्मान का संकल्प दोहराया। केण्डल मार्च टी.टी.नगर स्टेडियम में सम्पन्न हुआ। केण्डल मार्च के दौरान महिलाओं के अधिकारों और सम्मान प्रदर्शित करने ‘माँ-बेटी के सम्मान में -मध्यप्रदेश मैदान में,’ ‘माँ-बेटी का अपमान- नहीं सहेगा हिन्दुस्तान’ जैसे नारे गूंजते रहे।

इस अवसर पर गृह मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता, सांसद श्री कैलाश जोशी, राज्य भाजपा अध्यक्ष श्री नरेन्द्रसिंह तोमर, भोपाल महापौर श्रीमती कृष्णा गौर, भोपाल भाजपा अध्यक्ष श्री आलोक शर्मा उपस्थित थे।

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