निलम्बित शासकीय सेवकों के प्रकरणों की समीक्षा होगी

भोपाल, जनवरी 2013/ राज्य शासन ने एक वर्ष से अधिक समय तक निलम्बित शासकीय सेवकों के प्रकरणों की समीक्षा करने के निर्देश जारी किये हैं। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि निलम्बित शासकीय सेवकों के समीक्षा योग्य प्रकरणों की जानकारी प्रत्येक वर्ष के जून एवं दिसम्बर माह तक सभी विभागों के सक्षम अधिकारी जिला कलेक्टर, संभागीय आयुक्त एवं शासन को भेजेंगे। एक वर्ष से अधिक अवधि के निलम्बन प्रकरणों की समीक्षा वर्ष में दो बार समिति द्वारा माह जनवरी एवं जुलाई में की जायेगी।

शासन द्वारा राज्य प्रशासनिक सेवा के प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी अधिकारियों, जिन्हें विभागीय जाँच/आपराधिक प्रकरण में निलम्बित किया गया है, को निलम्बन से बहाल करने की समीक्षा के लिये शासन स्तर पर अंतर्विभागीय समिति का गठन किया गया है। अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन (विधिक तथा सतर्कता) की अध्यक्षता में गठित इस समिति में प्रमुख सचिव राजस्व, प्रमुख सचिव/सचिव विधि एवं सचिव कार्मिक सदस्य हैं। उप सचिव कार्मिक समिति के सदस्य सचिव बनाये गये हैं।

राज्य प्रशासनिक सेवा के अतिरिक्त अन्य विभाग के प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी के निलम्बित अधिकारियों के प्रकरणों की समीक्षा के लिये गठित समिति का अध्यक्ष विभागीय अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव होंगे। संबंधित विभागाध्यक्ष एवं विधि विभाग के उप सचिव/अपर सचिव समिति के सदस्य तथा विभाग के उप सचिव (स्थापना संबंधी) समिति के सदस्य सचिव रहेंगे।

शासन द्वारा संभाग एवं जिला-स्तर पर प्रसारित निलम्बन आदेश की समीक्षा के लिये संभाग एवं जिला-स्तर की समितियाँ गठित की गयी हैं। संभाग-स्तर की समिति के अध्यक्ष संबंधित संभागायुक्त होंगे। समिति के सदस्यों में संबंधित जिले के कलेक्टर एवं संबंधित विभाग के संभागीय अधिकारी को शामिल किया गया है। उपायुक्त (राजस्व) को समिति का सदस्य सचिव बनाया गया है। यह समिति उन शासकीय सेवकों के संबंध में परीक्षण करेगी, जिनकी नियुक्त एवं पद-स्थापना संभाग-स्तर पर होती है।

जिला-स्तरीय समिति के अध्यक्ष जिला कलेक्टर रहेंगे। समिति में संबंधित विभाग के जिला-स्तरीय अधिकारी को सदस्य तथा कलेक्टर द्वारा नामांकित अधिकारी समिति के संयोजक होंगे। यह समिति उन शासकीय सेवकों के प्रकरणों पर विचार करेगी, जिनकी यथा-स्थिति नियुक्ति एवं पद-स्थापना जिला-स्तर से होती है।

उपरोक्त समितियाँ निलम्बित शासकीय सेवकों के प्रकरणों में विचार करेगी कि संबंधित शासकीय सेवक का निलम्बन पर बने रहना आवश्यक है या नहीं। यदि निलम्बन पर बने रहना आवश्यक नहीं पाया जाता तो संबंधित का निलम्बन समाप्त करने की अनुशंसा समिति द्वारा की जायेगी। यदि शासकीय सेवक का निलम्बन आगे भी निरंतर जारी रखा जाना आवश्यक है तो समिति द्वारा आधार बताते हुए निलम्बन निरंतर रखने की अनुशंसा की जायेगी। आपराधिक मामलों में मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियम के अधीन किया गया निलम्बन बहाली के संबंध में निर्णय राज्य शासन द्वारा ही लिया जायेगा।

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