परिचय सम्‍मेलन से कुरीति खत्‍म होगी:राज्यपाल

भोपाल, दिसंबर 2012/ राज्यपाल राम नरेश यादव ने कहा है कि विवाह सम्बन्धों के तय होने की प्रक्रिया में कुरीतियों की समाप्ति के लिए युवक-युवती परिचय सम्मेलन एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि इन सम्मेलन में वर और वधु, दोनों पक्ष को अपनी संतान के लिए योग्य जीवन साथी चुनने के लिए एक ही स्थान पर अनेक विकल्प सहजता और सरलता से उपलब्ध होते हैं। राज्यपाल श्री यादव आज यहाँ टीन शेड पर अखिल भारतीय दिगम्बर जैन युवक- युवती परिचय सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे।

राज्यपाल ने कहा कि किसी भी परिवार के लिए अपने पुत्र अथवा पुत्री के अनुरूप योग्य जीवन साथी की तलाश बहुत श्रमसाध्य और खर्चीली प्रक्रिया है। इसके चलते कई बार गैरवाजिब मांगें भी मानने को बाध्य होना पड़ता है। परिचय सम्मेलनों में इतनी पारदर्शिता होती है कि किसी प्रकार के लेन-देन अथवा दहेज जैसी कोई समस्या पैदा ही नहीं हो पाती है। दोनों पक्ष को एक दूसरे के परिवारों के बारे में पूरी जानकारी मिल जाती है। युवक के साथ युवती को भी यह अवसर प्राप्त होता है कि वह अपने जीवन साथी के विषय में स्वयं निर्णय ले सके। श्री यादव ने समाज को इस पहल के लिए बधाई देते हुए अन्य सामाजिक संगठन से भी इस दिशा में आगे आने की अपील की।

पूर्व में राज्यपाल ने भगवान महावीर स्वामी के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्जवलन करते हुए कहा कि उनके दया, प्रेम, करूणा, त्याग और शील के उपदेश आज के समय में और भी प्रासंगिक हैं। राज्यपाल ने समाज की स्मारिका मिलन‘ के दो अंक का विमोचन और समाज के बुलेटिन मध्यांचल‘ का लोकार्पण किया।

समाज के अध्यक्ष श्री मनोहर लाल जैन टोंग्या ने बताया कि यह सम्मेलन अब अंतर्राष्ट्रीय स्वरूप ले चुका है। इसमें अभी तक की सबसे अधिक 4036 प्रविष्टियाँ आई हैं। पूर्व में श्री चन्द्रकुमार जैन ने स्वागत भाषण दिया। प्रतीक स्वरूप दो युवक-युवती ने अपना- अपना परिचय दिया।

समारोह में राज्यपाल श्री यादव का शाल, श्रीफल और स्मृति-चिन्ह देकर अभिनन्दन किया गया। श्री अशोक जैन ‘भाभा’ ने आभार माना।

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