प्रदेश में वेयर हाउसिंग एवं लॉजिस्टिक हब की संभावनाएँ

भोपाल, अक्टूबर  2014/ खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री कुंवर विजय शाह ने कहा है कि देश के मध्य में स्थित होने के कारण मध्यप्रदेश में वेयर हाउसिंग एवं लॉजिस्टिक हब के विकास की प्रबल संभावना है। उन्होंने निवेशकों से इस क्षेत्र में आगे आकर कार्य करने की बात कही। खाद्य मंत्री कुंवर शाह आज ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2014 में ‘ए-वेयर हाउसिंग एण्ड लॉजिस्टिक हब’ सेमीनार में निवेशकों को संबोधित कर रहे थे।

खाद्य मंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश ने सितंबर 2012 में वेयर हाउसिंग एवं लॉजिस्टिक पॉलिसी लागू की है। नीति में निवेशकों को 15 प्रतिशत केपिटल सब्सिडी तथा 5 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी का फायदा दिया गया है। इस पॉलिसी के बाद 15 लाख मीट्रिक टन क्षमता के गोदामों का निर्माण प्रारंभ हुआ। इसमें से 2.35 लाख मीट्रिक टन क्षमता के गोदामों का कार्य पूरा कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्टील सायलोज के निर्माण को प्रोत्साहित किया जा रहा है। दस स्थान पर 5 लाख मीट्रिक क्षमता के स्टील सायलोज का निर्माण प्रारंभ कर दिया है।खाद्य मंत्री ने बताया कि होशंगाबाद जिले के पवारखेड़ा में प्रदेश का पहला लॉजिस्टिक हब विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बुरहानपुर, उज्जैन, रतलाम, कटनी, जबलपुर एवं बीना में रेलवे लाइन होने के कारण यहाँ लॉजिस्टिक हब विकसित किये जाने के लिये परिस्थितयाँ अनुकूल हैं। उन्होंने कहा कि बीना एवं कटनी में इसके लिये भू-खण्ड चिन्हित कर लिये गये हैं। उन्होंने निवेशकों से प्रदेश की 22 हजार उचित मूल्य दुकान में अपने उत्पाद बेचने के लिये प्रस्ताव देने की भी बात कही। खाद्य मंत्री ने इंदौर के प्रथम सेन्टर फॉर पेरीशिएबल कार्गो के बारे में भी जानकारी दी।

प्रमुख सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग श्री अशोक वर्णवाल ने निवेशकों को बताया कि पिछले 3 वर्ष में प्रदेश में गोदामों के निर्माण के क्षेत्र में निवेशकों में उत्साह पैदा हुआ है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में 112 मीट्रिक टन भण्डारण क्षमता प्रायवेट क्षेत्र में और 46 मीट्रिक टन क्षमता सरकारी क्षेत्र में है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में गोदामों की संख्या पर्याप्त होने के कारण यहाँ पर अनाज नष्ट होने की संभावना 0.1 प्रतिशत रह गई है।

श्री वर्णवाल ने बताया कि रीवा, शहडोल, जबलपुर, संभाग के अलावा श्योपुर जिले में अभी भी अनाज भण्डारण के लिये गोदामों की पर्याप्त संख्या नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि निवेशक इस क्षेत्र में आते हैं तो उन्हें उत्साहजनक परिणाम मिलेंगे। प्रमुख सचिव ने पवारखेड़ा में निर्माणाधीन लॉजिस्टिक हब के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इसमें 140 करोड़ रूपये का निवेश किया जा रहा है। सत्र में श्री संत खरे सीईओ टर्मिनल एवं इन्फ्रा-स्ट्रक्चर लिमिटेड, श्री अनुराग गुप्ता एसोसिएट डायरेक्टर कनाडा पेसिफिक कंसलटेन्सी सर्विस ने भी अपने संगठन के बारे में जानकारी दी। कंटेनर कार्पोरेशन ऑफ इंडिया के एमडी श्री अनिल गुप्ता ने बताया कि देशभर में उनके संग्ठन के 63 टर्मिनल चल रहे हैं और कंटेनर ऑफ इंडिया ने 5 हजार 300 करोड़ रुपये का टर्नओवर लिया है। उन्होंने निवेशकों से इस क्षेत्र में अच्छी संभावनाओं को देखते हुए निवेश किये जाने की बात कही।

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