प्रदेश में 4.90 करोड़ लोगों को रियायती दर पर खाद्यान्न

भोपाल, अगस्त 2014/ प्रदेश में मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना के अंतर्गत लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली की नई व्यवस्था के दायरे में अब तक 4 करोड़ 90 लाख व्यक्ति को लाया जा चुका है। योजना में पात्र व्यक्तियों को एक जुलाई से एक रुपये की दर पर प्रति किलोग्राम गेहूँ और चावल उपलब्ध करवाया जा रहा है। प्रदेश में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 के प्रावधान के अनुरूप मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना एक मार्च, 2014 से लागू की गई। प्रदेश में पात्र व्यक्तियों को रियायती दर पर खाद्यान्न उपलब्ध करवाने के लिये इस योजना को लगातार व्यापक रूप दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना मध्यप्रदेश में अप्रैल, 2008 से लागू है। तब इस योजना में बीपीएल परिवार को 5 रुपये किलो गेहूँ के स्थान पर 3 रुपये किलो गेहूँ और चावल 6.50 रुपये प्रति किलो के स्थान पर 4.50 रुपये किलो प्रदाय किया जा रहा था। योजना में बीपीएल के 75 लाख परिवार लाभान्वित हो रहे थे।

जून, 2013 से योजना में बीपीएल के साथ अंत्योदय परिवार (अति गरीब परिवार) को भी शामिल किया गया। अब योजना में गेहूँ एक रुपये और चावल दो रुपये किलो दिया जाने लगा। योजना में एपीएल परिवार को आयोडीनयुक्त नमक एक रुपये किलो प्रदाय किया गया। जनवरी, 2014 से योजना में एक रुपये किलो चावल, एक रुपये किलो गेहूँ देना प्रारंभ किया गया। मार्च, 2014 से पूरे प्रदेश में एक रुपये किलो की दर पर आयोडीनयुक्त नमक का प्रदाय प्रारंभ किया गया। योजना में पूर्व में 89 आदिवासी विकासखण्ड में ही एक रुपये की दर पर आयोडीनयुक्त नमक दिया जाता था।

अधिनियम के अंतर्गत पात्र परिवारों को भारत सरकार द्वारा गेहूँ 2 रुपये प्रति किलो एवं चावल 3 रुपये प्रति किलो की दर पर दिये जाने का प्रावधान है। इसके विपरीत प्रदेश में मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना में सभी पात्र परिवार को गेहूँ एवं चावल एक रुपये किलो की दर पर उपलब्ध करवाया जा रहा है। मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना में अंत्योदय अन्न योजना एवं प्राथमिकता श्रेणी के परिवार को शामिल किया गया है। प्रदेश में अंत्योदय अन्न योजना के परिवारों को 35 किलोग्राम प्रति परिवार एवं प्राथमिकता परिवारों को 5 किलोग्राम प्रति सदस्य प्रतिमाह के मान से खाद्यान्न का वितरण किया जा रहा है।

प्रदेश में मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना में रियायती दर पर खाद्यान्न उपलब्ध करवाने की पात्रता से वंचित परिवारों को योजना के दायरे में लाने के लिये जून, 2014 में प्रदेशव्यापी खाद्य सुरक्षा पर्व मनाया गया। पर्व के दौरान योजना से छूटे परिवारों के नाम जोड़ने के लिये घर-घर जाकर सर्वेक्षण किया गया। सुरक्षा पर्व के पहले 75 लाख परिवार को एक रुपये प्रति किलोग्राम की दर पर गेहूँ एवं चावल उपलब्ध करवाया जा रहा था। पर्व के बाद इनकी संख्या अब बढ़कर 110 लाख 38 हजार परिवार तक पहुँच गई है।

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की पहल पर प्राथमिकता श्रेणी के परिवार में 24 श्रेणी को शामिल किया गया है। इनमें से कुछ श्रेणियाँ ऐसी हैं, जिनकी पंचायत मुख्यमंत्री निवास पर लग चुकी है। इनमें केश-शिल्पी, घरेलू कामकाजी महिलाएँ, फेरीवाले, साइकिल रिक्शा-चालक, मछुआ सहकारी समिति के सदस्य आदि प्रमुख रूप से शामिल हैं।

प्राथमिकता परिवार की श्रेणी में अनुसूचित-जाति एवं जनजाति के परिवारों को भी शामिल किया गया है। खाद्य सुरक्षा पर्व के दौरान घर-घर जाकर अनुसूचित-जाति एवं जनजाति के परिवारों से घोषणा-पत्र भरवाये गये। मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना में एक रुपये किलो की दर पर गेहूँ-चावल के अलावा प्रतिमाह एक रुपये की दर पर एक किलो आयोडीनयुक्त नमक, चार लीटर केरोसिन एवं एक किलोग्राम शक्कर भी प्रदाय की जा रही है।

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