प्रधानमंत्री जन धन योजना के लिए प्रदेश तैयार

भोपाल, अगस्त  2014/ प्रधानमंत्री जनधन योजना के 28 अगस्त को होने वाले देशव्यापी शुभारंभ को देखते हुए मध्यप्रदेश ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इस योजना में हर घर का बैंक खाता होगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री जनधन योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि यह एक बड़े परिवर्तन की शुरूआत होगी। क्रियान्वयन की सभी तैयारियाँ समय-सीमा में पूरी हों। इस योजना से कमजोर तबके के लोगों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में सभी घरों के बैंक खाते अगले साल तक खुल जायेंगे। वर्तमान में बैंक सुविधाओं की पहुंच से बाहर वाले घरों का सर्वेक्षण चल रहा है। प्रधानमंत्री जनधन योजना में हर खाताधारी को रूपये डेबिट कार्ड मिलेगा। छह महीने पुराने हो चुके खाते पर 5 हजार रूपये तक की ओव्हर ड्राफ्ट सुविधा मिलेगी। बैंकों की ग्रामीण शाखाओं में वित्तीय साक्षरता और क्रेडिट परामर्श केन्द्र भी सक्रिय रूप से काम करना शुरू करेंगे। मुख्यमंत्री ने वित्तीय साक्षरता बढ़ाने के लिये प्रदेशव्यापी अभियान चलाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि क्रेडिट कार्ड, बैंक खाते एवं अन्य दस्तावेज में हिन्दी का ही प्रयोग होना चाहिये।

प्रधानमंत्री जनधन योजना से लोगों को वित्तीय सेवाओं तक पहुँच का लाभ होगा, बचत की आदत बढ़ेगी, साहूकारों पर निर्भर नहीं रहना होगा, ओव्हर ड्राफ्ट सुविधा से आपात स्थितियों से निपटने में मदद मिलेगी। इसके अलावा इस योजना के क्रियान्वयन से जुडने वाले स्थानीय युवाओं को बिजनेस करेस्पोंडेंट बनाकर रोजगार से जोडा जायेगा। बीमा और पेंशन की राशि भी घर बैठे खाते में आ जावेगी।

योजना का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नई दिल्ली में 28 अगस्त 2014 को शाम चार बजे करेंगे। राज्य स्तर पर बैंकों के सक्रिय सहयोग और भागीदारी से मुख्यमंत्री भोपाल में योजना का शुभारंभ साढे चार बजे करेंगे और नागरिकों को संबोधित करेंगे। इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, रीवा, सागर, जबलपुर में योजना का एक साथ शुभारंभ होगा। सभी जिलों में पाँच बजे जिला स्तरीय बैंकों के सहयोग से योजना का शुभारंभ होगा। प्रदेश में इस साल के अंत तक 125 लाख बैंक खाते खोलने का लक्ष्य है। अब तक 1,50,505 खाते खुल चुके हैं।

कैसे होगा क्रियान्वयन

भारत सरकार ने योजना के क्रियान्वयन के छह चरण तय किये हैं। पहले चरण में सभी घरों की बैंकों तक पहुँच बनाना। दूसरे चरण में ओव्हर ड्राफ्ट सुविधा मिलेगी, तीसरे चरण में वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम चलाया जायेगा। ये तीन चरण अगले साल में पूरे किये जायेंगे।

क्रियान्वयन के चरण में क्रेडिट गारंटी फंड की स्थापना होगी, सूक्ष्म वित्त और असंगठित क्षेत्र में काम करने वालो के लिये पेंशन योजना होगी। यह काम 2015 से 2018 तक पूरे होंगे।

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