बाल अधिकार संरक्षण आयोग की विशेष सुनवाई संपन्न

भोपाल, जनवरी 2013/ बाल संरक्षण आयोग ने विशेष बेंच में बाल उत्पीड़न संबंधी प्रकरणों की सुनवाई के दौरान विभिन्न जिलों के स्कूलों, छात्रावासों, आँगनवाड़ी और स्वास्थ्य केन्द्रों के निरीक्षण के दौरान पाई गई अनियमितताओं के संबंध में जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्यवाही तथा व्यवस्थाओं में पाई गई त्रुटियों को दूर कर नियमानुसार व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।

सुनवाई में आयोग की अध्यक्ष श्रीमती उषा चतुर्वेदी, सदस्य डॉ. रीता उपमन्यु, श्रीमती आर.एच. लता, श्रीमती आशा यादव, श्री विभांशु जोशी तथा श्रीमती विजया शुक्ला मौजूद थे। श्रीमती उषा चतुर्वेदी ने आयोग के सदस्यों द्वारा प्रकरणों में रीवा स्थित छात्रावास का आकस्मिक निरीक्षण पर अनियमितता पाए जाने पर आयोग द्वारा छात्रावास की अधीक्षिका को रात के समय अनिवार्यतः छात्रावास में ही रूकने के निर्देश दिए। छात्रावासों में छात्राओं द्वारा खुद खाना बनाने की शिकायत पर आयोग ने निर्देश दिए कि रसोई बनाने वाले छुट्टी पर हो तो छात्राओं से मदद ना ली जाए। श्रीमती चतुर्वेदी ने यह भी निर्देशित किया कि आवश्यक दैनिक जरूरतों को पूर्ण करने के लिए नियमानुसार 10 प्रतिशत राशि का भुगतान छात्राओं के खाते में इसी माह के अंत तक किया जाए। छात्रावास के बाहर जाने वाली छात्राओं के लिए रजिस्टर तैयार करने तथा आने-जाने के समय हस्ताक्षर लेने के निर्देश भी आयोग ने दिए। श्रीमती उषा चतुर्वेदी ने छात्रावासों में महिला हेल्प लाइन तथा आवश्यक टेलीफोन नम्बरों की सूची लगाने के निर्देश भी दिए। हरदा जिले के टिमरनी स्थित पोषण पुनर्वास केन्द्र व आँगनवाड़ी केन्द्र पर निरीक्षण के दौरान पायी गई अनियमितता के संबंध में जिम्मेदार अधिकारी को पत्र लिखकर वस्तु-स्थिति से अवगत कराने, आँगनवाड़ी केन्द्रों में निर्धारित बच्चे होने की गलत जानकारी देना, केन्द्रों में बच्चों को संतुलित और गुणवत्तापूर्ण आहार न दिए जाने पर आयोग ने संबंधित पर कड़ी कार्यवाई करने के निर्देश दिए। आयोग ने यह भी कहा कि भोजन की गुणवत्ता में सुधार के लिए अनुबंधित समूह को चेतावनी पत्र लिखे तथा भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति होने पर अनुबंध निरस्त किये जाये।

महर्षि सेंटर फॉर एजुकेशन एक्सलेंस लाम्बाखेड़ा बैरसिया रोड भोपाल के प्रकरण में पंकज द्विवेदी की फीस से संबंधित शिकायत पर स्कूल की प्राचार्या को निर्देश दिए गए कि स्कूल हो या छात्रावास, कहीं भी बच्चों के हितों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जायेगी। श्रीमती चतुर्वेदी ने प्राचार्या को निर्देशित किया कि उक्त छात्र को नियमित कक्षा में उपस्थित होने दिया जाये तथा फीस से संबंधित मामले को अगली बेंच में रखकर अभिभावक के सम्मुख प्रकरण का निराकरण किया जाये।

हुई कार्रवाई

आयोग के हस्तक्षेप के बाद थाना प्रभारी कुरावर द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए राजगढ़ में नाबालिग छात्रा के अपहरण प्रकरण में आरोपियों को हिरासत में लिया जाकर बच्ची को उसके परिजनों तक पहुँचाया गया।

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