बेहतर क्रियान्वयन के लिए आकलन जरूरी

भोपाल, जनवरी 2013/ राज्य में संचालित कल्याणकारी योजनाओं को जनहित में और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से सुशासन स्कूल अपने प्रयास बढ़ाएगा । इसके साथ ही सहकारिता, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास से संबंधित राज्य सरकार के नए कार्यक्रमों के प्रभाव का अध्ययन भी करवाया जाएगा । मुख्य सचिव आर. परशुराम की अध्यक्षता में सुशासन स्कूल की कार्यकारिणी की बैठक में यह जानकारी दी गई ।

मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य में जिला उद्योग केंद्रों की कार्य-प्रणाली, मंडी समितियों के कार्यों और ग्राम आरोग्य केंद्रों की भूमिका के संबंध में भी अध्ययन करवाया जाए। रानी दुर्गावती अनुसूचित जाति, जनजाति स्वरोजगार योजना के क्रियान्वयन एवं प्रभाव का विस्तृत आकलन भी आवश्यक है। इस अध्ययन से कार्यक्रमों के बेहतर अमल में सहयोग मिलेगा। बैठक में बताया गया कि सुशासन एवं नीति विश्लेषण स्कूल द्वारा गत वर्ष लोक सेवा प्रबंधन विभाग की ओर से 16 शासकीय विभाग के लिए लोक सेवा मैनेजरों और कार्यालय सहायक की नियुक्ति में सहयोग प्रदान किया गया। इसी तरह लोक सेवा गारंटी अधिनियम के क्रियान्वयन के लिए एक लाख जन-प्रतिनिधियों और दस हजार अधिकारियों के प्रशिक्षण का दायित्व भी वहन किया गया। लोक सेवाओं के प्रदाय के कार्य का प्रभाव आकलन विभिन्न संस्थाओं से करवाया गया। प्रशासन को जनकेंद्रित बनाने की दिशा में सुशासन स्कूल द्वारा निरंतर कार्य किया जा रहा है।

प्रमुख सचिव लोक सेवा प्रबंधन एवं सुशासन तथा नीति विश्लेषण स्कूल के महानिदेशक इकबाल सिंह बैंस ने बताया कि सुशासन स्कूल द्वारा सूरजधारा योजना, कृषक प्रशिक्षण, राष्ट्रीय कृषि बीमा और डीजल पंप योजनाओं का प्रभाव आकलन करवाकर प्रतिवेदन संबंधित विभागों को सौंपे गए हैं।

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