बैंकों से अधिक सहयोग की आशा–मुख्य सचिव

भोपाल, नवंबर 2012/ मुख्य सचिव आर. परशुराम ने राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक में बैकों से मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास मिशन में लक्ष्य प्राप्ति के लिए सहयोग का आग्रह किया। इसके साथ ही शिक्षा ऋण योजना में भी प्रगति बढ़ाने की अपेक्षा बैंकों से की गई। बैठक में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के डिप्टी गवर्नर डॉ के.सी. चक्रवर्ती विशेष रुप से उपस्थित थे। समिति की 149वीं बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि वित्तीय समावेशन आज की बैठक का मुख्य मुद्दा है। यदि प्रत्येक व्यक्ति बैंकिंग क्षेत्र से जुड़ जाता है तो सभी समस्याओं का समाधान स्वमेव हो जाएगा। प्रति व्यक्ति बैंकिंग शाखा में मध्य प्रदेश की स्थिति अन्य राज्यों से काफी कम है। मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास मिशन एक महत्वकांक्षी योजना है जिससे आवासहीनों को आवासगृह उपलब्ध करवाने के लिए सहायता दी जाती है। योजना में लक्ष्य प्राप्ति के लिए बैंकों से प्रकरणों की शीघ्र मंजूरी आवश्यक है। इससे बैंको का ग्राहकों से बेहतर तालमेल बनेगा और भविष्य के लिए नए ग्राहक भी बैंकों को उपलब्ध हो सकेंगे। इसी तरह शिक्षा ऋण योजना में बैंकों से अधिक सहयोग की आशा है। बैठक में आयुक्त संस्थागत वित्त अशोक शाह ने बताया कि राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति द्वारा 30 हजार के लक्ष्य के मुकाबले मात्र 6 हजार 734 प्रकरण ही सितंबर माह तक स्वीकृत हुए हैं। भारतीय स्टेट बैंक, पीएनबी और सैंट्रल बैंक ने लक्ष्य से काफी कम प्रकरण स्वीकृत किए हैं। प्रमुख सचिव वित्त अजय नाथ ने कहा कि शिक्षा ऋण प्रकरणों की मंजूरी के लिए शिविरों का आयोजन सार्थक सिद्ध हुआ है। बैंकों द्वारा शिविर लगाकर यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

डिप्टी गर्वनर डॉ. चक्रवर्ती ने बैंक शाखा स्तर पर शिक्षा ऋण, आवास योजना और अन्य कल्याणकारी कार्यक्रमों से संबंधित प्रकरण शीघ्र स्वीकृत किए जाने के निर्देश दिए।

अपर मुख्य सचिव वाणिज्य, उद्योग एवं रोजगार प्रसन्न दाश ने बताया कि राज्य में आगामी तीन महीनों में तीन लघु उद्यमी सम्मेलन होंगे। नए 27 औद्योगिक क्षेत्र में 90 फीसदी स्थान, सूक्ष्म लघु और मध्यम श्रेणी के लिए रखा गया है। बैंकों के सहयोग से निवेशकों को नई इकाइयां लगाने में आसानी होगी।

अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्रीमती अरुणा शर्मा ने प्रदेश के बैंक विहीन ग्रामों में बैंक शाखाएं प्रारंभ करने का आग्रह किया। वर्तमान में प्रदेश में 5 हजार 753 बैंक शाखाएं संचालित हैं। श्रीमती शर्मा ने जानकारी दी कि प्रदेश में मजदूरों को बायोमेट्रिक्स पद्धति से मजदूरी के भुगतान की पहल की गई है। सभी बैंकों के मध्य आवंटित ग्रामों में अल्ट्रा स्माल शाखाएं खोलने के लिए रोडमेप तैयार करना आवश्यक है, जिससे सभी ग्राम पंचायत के हितग्राहियों को बैंकिंग सुविधा प्राप्त हो सके। श्रीमती शर्मा ने इस अवसर पर प्रजेन्टेशन भी दिया।

इन्वेस्टर्स समिट बड़ी सफलता – बैंकर्स की बधाई

राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक में राज्य सरकार को ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, इंदौर की शानदार कामयाबी के लिए बधाई दी गई। गत माह राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की विशेष बैठक आयोजित कर बैंकर्स से समिट में हिस्सा लेने का आग्रह किया गया था। बैंकर्स द्वारा समिट में हिस्सा लेने के पश्चात राज्य में आ रहे नए उद्योग प्रस्तावों को महत्वपूर्ण माना गया। आज समिति की बैठक प्रारंभ होते ही रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर श्री चक्रवर्ती सहित सैंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के अध्यक्ष श्री एम. वी. टांकसले और अन्य बैंकों के अधिकारियों ने मुख्य सचिव श्री परशुराम को बधाई दी। मुख्य सचिव ने कहा कि मध्यप्रदेश ने गत वर्ष 12 प्रतिशत की आर्थिक विकास दर प्राप्त की है। इसके साथ ही प्रदेश की कृषि विकास दर 18 प्रतिशत तक पहुँच गई है। नए निवेश प्रस्तावों को क्रियान्वित करने से राज्य तेजी से प्रगति करेगा। उन्होंने बैंकर्स से विकास के प्रयासों में सक्रिय सहभागी बनने का अनुरोध किया।

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