भारतीय मूल्यों पर विशेष ध्यान होगा स्मार्ट शहरों में

भोपाल, अगस्त  2014/ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मध्यप्रदेश में विकसित होने वाले स्मार्ट शहरों में भारतीय मूल्यों, प्रदेश की परिस्थितियों और विशेषताओं का विशेष ध्यान रखा जायेगा। बैंगलूरू में उद्योग समूहों और निवेशकों के साथ मध्यप्रदेश में निवेश संभावनाओं की चर्चा करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश तेजी से बढ़ता प्रदेश है और केन्द्र शासन की सोच के अनुरूप स्मार्ट शहर बनाये जायेंगे। पुराने शहर में भी स्मार्ट शहरों में बदलने की अपार संभावनाएँ हैं।

निवेश संवाद के पहले सत्र में उद्योग समूहों और निवेशकों में बहुराष्ट्रीय कम्पनी आई.बी.एम. के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अमित शर्मा, नेटटूर टेक्निकल प्रशिक्षण फांउडेशन – एनटीटीएफ के प्रबंध संचालक एन. रघुराज, गोकाक टेक्सटाइल के कार्यकारी निदेशक एच. एस. भास्कर और इन्फोसिस प्रतिनिधि-मंडल के प्रमुख रोहन पारिख ने मुख्‍यमंत्री से भेंट कर निवेश संभावनाओं पर चर्चा की।

आईबीएम ने मध्यप्रदेश के शहरों को अत्याधुनिक सूचना प्रौद्योगिकी सेवाएँ स्थापित करने के संबंध में चर्चा की। श्री अमित शर्मा ने कहा कि एयरपोर्ट और औद्योगिक इकाइयों के आस-पास विशेषज्ञ आई. टी. सेवाएँ स्थापित करने में आईबीएम की विशेषज्ञता है। मुख्यमंत्री ने आईबीएम द्वारा मध्यप्रदेश में निवेश करने की पहल की सराहना करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में आकर्षक पैकेज उद्योगों के लिये दिया जा रहा है। साथ ही बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिग क्षेत्र में भी बहुत संभावनाएँ बन रही है। भोपाल और इंदौर के बीच माडल स्मार्ट सिटी विकसित करने बनाने की दिशा में प्रयास तेज कर दिये गये हैं। उन्होंने आईबीएम को इंदौर में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट मे स्मार्ट सिटी की अवधारणा पर प्रस्तुतिकरण देने के लिये आमंत्रित किया।

देश के नौ राज्य में रोजगारोन्मुखी तकनीकी प्रशिक्षण देने वाले नेटटूर टेक्निकल प्रशिक्षण फांउडेशन के साथ चर्चा में मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में युवा पीढ़ी को कौशल सम्पन्न बनाना और उन्हें रोजगार प्राप्त करने के लिये अभी तैयार करना सरकार की प्राथमिकता है। राज्य सरकार अपनी ओर से पहल करते हुए सभी विकास खंड मुख्यालयों पर कौशल विकास केन्द्र स्थापित कर रही है। पोलिटेक्निक कालेजों में औद्योगिक समूहों की आवश्यकता अनुसार प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री युवा स्व-रोजगार योजना की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि अपना रोजगार शुरू करने वाले युवाओं का प्रशिक्षण सबसे बडी जरूरत है। इसके साथ ही प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण भी जरूरी है। इस संबंध में प्रतिष्ठित नेटटूर टेक्निकल प्रशिक्षण फांउडेशन द्वारा मध्यप्रदेश में प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने के प्रस्ताव पर सहमति देते हुए श्री चौहान ने उन्हें प्रदेश आने का आमंत्रण दिया।

इन्फोसिस के साथ चर्चा में श्री चौहान ने कहा कि सितम्बर के पहले सप्ताह तक इन्फोसिस को इंदौर में निर्माण कार्य पूरा शुरू करने संबंधी सभी प्रकार की अनुमतियाँ मिल जायेंगी। इन्फोसिस की ओर से बताया गया कि इंदौर में प्रदेश और देश की सबसे अच्छी ग्रीन बिल्डिंग बनेगी। उल्लेखनीय है कि इंदौर और उज्जैन सुपर कारीडोर पर 130 एकड़ में 600 करोड़ की लागत से इंफोसिस की परियोजना आ रही है। इससे प्रदेश के 13 हजार आई.टी. प्रोफेशनल्स को रोजगार मिलेगा। प्रतिष्ठित गोकाक टेक्सटाइल्स ने टेक्सलाइल यूनिट के अलावा लघु जल-विद्युत परियोजना की स्थापना के संबंध में चर्चा की।

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