भ्रष्टचार के पैसे से बने भवन में स्कूल खुला

भोपाल, जुलाई  2014/ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इंदौर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत राजसात किये गये एक आलीशान भवन को शासकीय स्कूल और आँगनवाड़ी केन्द्र के लिये समर्पित किया। प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ मुख्यमंत्री द्वारा चलाये गये अभियान के तहत राजसात सम्पत्ति को जनता को लोकार्पित करने का यह पहला मामला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार करने वाले किसी भी व्यक्ति को छोड़ा नहीं जायेगा और भ्रष्ट आचरण के साथ कमाई गई सम्पत्ति को सरकार राजसात कर जन-उपयोग में लायेगी।

इस मौके पर परिवहन मंत्री भूपेन्द्र सिंह, महापौर कृष्णमुरारी मोघे, इंदौर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष शंकर लालवानी और विधायक श्रीमती मालिनी गौड़ उपस्थित थीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचारियों के खिलाफ देश का सबसे बेहतर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम मध्यप्रदेश में बनाया गया है। इस अधिनियम में ऐसे लोक सेवक जो भ्रष्टाचार और अन्य आर्थिक गड़बड़ियों में लिप्त हैं, उनके विरूद्ध प्रकरण दर्ज किये जा रहे हैं। यह प्रकरण विशेष न्यायालय द्वारा निराकृत किये जा रहे हैं जिसकी अवधि एक साल तय की गई है। दोषी पाये जाने पर आय से अधिक सम्पत्ति रखने वाले शासकीय कर्मियों की सम्पत्ति को राजसात किया जा रहा है। आज का आयोजन ऐसी ही एक सम्पत्ति को जनता को सौंपने का अवसर है। लोक सेवकों की श्रेणी में मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक और अधिकारी-कर्मचारी शामिल है।

मुख्यमंत्री ने राजसात संपत्ति के आलीशान भवन में शासकीय विद्यालय और आँगनवाड़ी केन्द्र का शुभारंभ करते हुए विद्यालय में सतीश महादेव को तथा आँगनवाड़ी में राखी उपाध्याय का नाम दर्ज कर उन्हें प्रवेश दिया। मुख्यमंत्री ने नव-प्रवेशित बच्चों का स्वागत कर उन्हें पाठय-पुस्तक वितरित की।

उल्लेखनीय है कि लोकायुक्त संगठन द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना देवास के उप यंत्री अरविंद तिवारी के विरुद्ध कार्रवाई कर चालान प्रस्तुत करने पर विशेष न्यायालय द्वारा संबंधित की सम्पत्ति को राजसात करने के आदेश प्रदान किये गये थे। संबंधित द्वारा कब्जा नहीं सौंपने पर कलेक्टर इंदौर आकाश त्रिपाठी ने सम्पत्तियों का अधिग्रहण कर सुदामा नगर स्थित आलीशान भवन को प्राथमिक विद्यालय और आँगनवाड़ी स्थापित करने के लिये आवंटित कर दिया
था। करीब 1700 वर्ग फीट के प्लाट पर लगभग 2500 वर्ग फीट में निर्मित इस भवन में अब प्राथमिक विद्यालय और आँगनवाड़ी संचालित होंगे।

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