भोपाल, 02 जूनः राज्य शासन ने शासन द्वारा संधारित मंदिरों से लगी कृषि भूमि को नीलाम कर लीज पर देने की कार्यवाही स्थगित रखने का आदेश सभी संभागायुक्त तथा जिला-कलेक्टरों को जारी किया है।

 

वर्तमान व्यवस्था में जिन संधारित मंदिरों के पास दस एकड़ से अधिक भूमि है, उनकी भूमि राजस्व पुस्तक परिपत्र में निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए लीज पर दी जाती है। इससे प्राप्त आमदनी मंदिरों के खाते में जमा होती है। इससे मंदिरों के जीर्णोद्धार, रख-रखाव और आनुषांगिक कार्य करवाये जाते हैं।

 

विगत 8 जून, 2011 को निर्देश दिये गये थे कि मंदिरों की भूमि लीज पर नहीं दी जाये और अस्थाई रूप से 31 मई, 2012 तक मंदिरों के पुजारियों के हवाले रखी जाये।

 

इस व्यवस्था को आगे जारी रखने के संबंध में विचार किया जा रहा है। अतः आगामी आदेश तक मंदिरों से लगी कृषि भूमि को नीलाम कर लीज पर देने की कार्यवाही स्थगित रखने का आदेश दिया गया है।